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नेताओं का भोलापन
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Monday, February 06, 2012, 08:50 hrs IST
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हिंदुस्तान में चुनावों के रंग का अलग ही मजा है। हर इलाके के अपने रंग हैं। अपने अपने तरीके हैं। हर इलाके का रंग अलग है। हर पार्टी, हर र...
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दोहरी मार से मिलेगी राहत
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से देश की सर्वाधिक प्रतिष्ठित परीक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। कोचिंग संस्थानों के बढ़ते दखल और स्कूली शिक्षा की ...
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वादे हैं, वादों का क्या
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। सभी दल चुनावी दंगल मे कूद पड़े हैं। घोषणा पत्रों में वादों की झड़ी लग गई हैं। सांप्रदायिक...
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आंकड़ों का मकड़जाल
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010-11 में प्रति व्यक्ति आय पचास हजार रूपए से अधिक हो गई है। ये आ...
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प्रायश्चित
यह ठीक है कि जिस व्यक्ति के साथ अनाचार बरता गया अब उस घटना को बिना हुई नहीं बनाया जा सकता। सम्भव है कि वह व्यक्ति अन्यत्र चला गया हो। ऎसी दशा म...
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मन पर नियंत्रण
वर्षो से सत्संग में जाते हुए भी, संध्या उपासना करते हुए भी, मन में हताशा, निराशा के विचार उभरते हैं। कभी धन कमाने की योजनाओं के विचार, तो ...
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बुद्धि का बल
एक विशाल जंगल था। एक बार अकाल पड़ने पर राजा गजराज सभी हाथियों को लेकर पास के दूसरे जंगल में चला गया, जहां एक विशाल तालाब था। उस जंगल म...
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सरलता का महत्व
एक वन में दो वृक्ष सन्निकट थे। एक सरल-सीधा चंदन का वृक्ष था। दूसरा टेढ़ा-मेढ़ा पलाश का वृक्ष था। दोनों सखा थे। एक बार लकड़हारे वन में घुस ...
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