वाशिंगटन । अमेरिकी सेना के गोपनीय दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि भारत का भरोसा बहाल करने के लिए वह मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को दंडित करे। गोपनीय दस्तावेजों में पाकिस्तान की खुफिया संस्था इंटर सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के आतंकवादी संगठनों से संबंधों का खुलासा हुआ है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप जे.क्राउले ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भारत के साथ हमारे संबंधों का एक प्रमुख हिस्सा है, इसी तरह पाक और अफगानिस्तान के साथ भी है। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान और अलकायदा को आईएसआई के लगातार समर्थन के भारत के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इसके सबूत हैं कि इन लोगों ने क्या किया है।
विकिलीक्स के खुलासे को बीते समय की केवल एक झांकी बताते हुए क्राउले ने कहा कि इन सबके बावजूद पाकिस्तान ने अपनी सीमा में आतंकवाद के खिलाफ अक्रामक कदम उठाए हैं। इससे स्पष्ट है कि उसे समझ में आ गया है कि अब आतंकवाद से उसे स्वयं खतरा पैदा हो गया है। इसी तरह भारत स्पष्ट चाहता है पाक उन लोगों के खिलाफ कड़ा कदम उठाए जिनसे पड़ोसी देशों को खतरा है।
पाक को "कोरा चेक" नहीं दिया जा सकता
अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान बिना कोई परिणाम दिए सहायता प्राप्त नहीं कर सकता। उसे आतंकियों की सुरक्षित पनाहगारों को खत्म करने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता राबर्ट गिब्स ने कहा कि हमें पाक में आतंकियों के सुरक्षित पनाहगारों के बारे में जानकारी है। हम नागरिकों की क्षति से चिंतित हैं। इन मसलों पर सुधार के लिए हमने कदम उठाए हैं। गिब्स ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा मार्च 2009 में ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान को कोरा चेक नहीं दिया जाएगा।
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