सैन एंटोनियो। मास्टर सार्जेट टॉड नेस्लसन की दाई आंख, एक कान और उंगलियां एक कार बम विस्फोट में चली गईं। ये हादसा 2007 में तब हुआ जब वे अफगानिस्तान में तैनात थे। करीब तीन सालों के कठिन परिश्रम के बाद प्रोस्थेटिक विशेषज्ञों ने उन्हें उनकी आंखे, कान व उंगली लौटा दी। इस पूरी प्रक्रि या में न तो कहीं खून बहा न ही किसी मांस के टुकड़े की जरूरत पड़ी। शरीर के इन अंगों को ग्लास और सिलिकॉन से बनाया गया है।
इन्हें टॉड के दूसरे अंगों की तरह नाप-तौल एकदम वैसा बनाया है ताकि चेहरे में कुछ अजीब न लगे। टॉड ने बताया कि इसके लगने के बाद किसी को पता नहीं चलेगा कि ये नकली है। इसका रंग, आकार सब सच्चे अंगो जैसा ही है। तीन साल पहले विस्फोट में मैं थर्ड-डिग्री जल गया था, खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया था और जबड़ा टूट गया। इनका इलाज करने वाले विलफोर्ड हॉल मेडिकल सेंटर के डॉ. जो. विलालोबोस ने बताया कि ऎसा करने में मुझे खुशी हुई है कि मैं टॉड को उसकी शक्ल लौटा रहा हूं।
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