वाशिंगटन । जासूसी इतिहास के अब तक के सबसे बड़े खुलासे में कहा गया है कि पाकिस्तान की खुफिया संस्था इंटर सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) को वर्षो से अफगानिस्तान और भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने की खुली छूट मिली हुई है।
वेबसाइट "विकिलीक्स डॉट ओआरजी" के संस्थापक जूलियन एसेंज के अनुसार "द वॉर लाग्स" कहे जाने वाले अमेरिकी सेना के 92,201 गुप्त दस्तावेजों में अफगानिस्तान के युद्ध के छह वर्षो का पूरा ब्योरा मौजूद है। इसमें मारे गए लोगों की संख्या और खतरों के बारे में रिपोर्टे भी शामिल हैं। सोमवार को दस्तावेजों को ऑनलाइन जारी करने से कई हफ्ते पहले ही इनको "न्यूयॉर्क टाइम्स", लंदन के "द गार्जियन" और जर्मन साप्ताहिक "डीर स्पाइगेल" को देखने, समीक्षा करने और प्रमाणिकता जांचने का मौका दिया गया था। पाकिस्तान ने अपनी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों को अमेरिका से लड़ रहे तालिबान के आतंकी सरगनाओं से सीधे मिलने और अफगान नेताओं की हत्या के षडयंत्र रचने की अनुमति दी।
अमेरिका के साथ दोहरा खेल खेल रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान अमेरिका के साथ दोहरा खेल खेल रहा है। एक तरफ जहां वह गुपचुप तरीके से आतंकी संगठन तालिबान की मदद कर रहा है वहीं दूसरी तरफ उससे लड़ने के नाम पर अमेरिका से भारी इमदाद ऎंठ रहा है। टाइम्स ने विकिलीक्स द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों के आधार पर अपनी एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। विकिलीक्स एक ऎसा संगठन है जो सरकारी और कार्पोरेट भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए गुप्त सूचनाओं को लीक करने को बढ़ावा देता है।
रिपोर्ट में अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेना से हासिल किए गए 91000 दस्तावेजों के आधार पर कहा गया है कि पाक गुपचुप तरीके से तालिबान की मदद कर रहा है। दस्तावेजों से यह बात स्पष्ट होती है कि तालिबान के साथ लड़ाई में अमेरिका का प्रमुख साझीदार पाकिस्तान अपने जासूसों को सीधे विद्रोहियों से मिलने की इजाजत देता है जहां वे अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के खिलाफ लड़ने की रणनीति बनाते हैं। अफगान नेताओं की हत्या की साजिश रचते हैं।
|
|
|
|
|
|
|