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लंदन। रोजाना 40 सिगरेट फूंकने वाले इंडोनेशिया के दो वर्षीय बच्चे ने अब इस लत से छुटकारा पा लिया है। बाल संरक्षण अधिकारियों ने एल्डी रिजाल को चिकित्सा के लिए पुनर्वास केंद्र भेजा था। तीन महीने के इलाज के बाद उसने अपनी यह लत छोड़ दी। पुनर्वास केंद्र में एल्डी अंतिम सिगरेट खत्म होने के बाद रोने लगता था व दीवारों में सिर मारने लगता था। एल्डी के स्वास्थ्य पर धूम्रपान के दुष्प्रभाव दिखने लगे थे, उसके ह्रदय में धुएं की एक मोटी पर्त जम गई थी। वह अक्सर उदासीन दिखाई देने लगा था। एल्डी जब 11 महीने का था, तब उसके पिता ने एक सिगरेट उसके मुंह से लगा दी थी।
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