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कुछ जान लिया है जेनेलिया ने
Wednesday, August 04, 2010, 11:41 hrs IST
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दोस्त परीक्षा की तैयारियों में डूबी थे और वह इनसे बचकर बाहर निकल गई, स्टारडम की ओर। मुंबई के बांद्रा इलाके की रहने वाली 15 साल की कैथोलिक गर्ल जेनेलिया को विज्ञापन एजेंसी के प्रमुख ने एक गोल्डन चांस दिया था। फिल्म सिटी में जेनेलिया के एड की शूटिंग होनी थी और को-स्टार थे अमिताभ बच्चन।
वह कहती हैं, को-स्टार अमिताभ बच्चन! यह जानकार मेरे हाथ-पैर ठंडे पड़ गए, लेकिन एक बार कैमरा शुरू होने के बाद मैं जरा भी नर्वस नहीं हुई। मैं नहीं चाहती थी कि तीस टेक लेने पड़ें और मिस्टर बच्चन मुझ पर चिल्लाएं। हालांकि उनका व्यवहार प्रोत्साहित करने वाला ही रहा।
शूटिंग के बाद जेनेलिया फिर से किताबों के पास लौट आई थी, लेकिन तब तक जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी। बीस से ज्यादा हिंदी, तमिल और तेलुगू फिल्में करने के बाद स्टार बन चुकी जेनेलिया आज भी उन गलियों में जाना पसंद करती है जहां वह बड़ी हुई थीं। वह कहती हंै, "मैं हर संडे चर्च जाती हूं, ड्मोन्ट पार्क से पैदल जाना होता है। वहां मुझे कोई परेशान नहीं करता। वे मुझे इन गलियों में बड़ी होते देख चुके हैं।"
अपनी कमियों के बारे में भी खुलकर बात करते हुए वह बताती हैं, "मेरी भाषा कभी भी अच्छी नहीं रही, स्कूल में भी। तमिल और तेलुगू बोलना मेरे लिए इतना आसान नहीं था। लेकिन मैं यह कर सकी, मुझे खुद को इस पर आश्चर्य होता है। अपने प्रयासों से मैं डायरेक्टर्स को प्रभावित कर सकी। पहले उन्हें यही लगा था कि मैं डायलॉग्स ठीक तरह से बोल नहीं पाउंगी। अब तो मैंने बहुत सुधार कर लिया है। मैं तीन पेज के डायलॉग्स भी बोल सकती हूं। शब्दों के मतलब समझने लगी हूं इसलिए बोली में वो भाव भी आने लगे हैं, लेकिन स्क्रिप्ट के बिना यह संभव नहीं।"
तमिल और तेलुगू ही नहीं जेनेलिया की हिंदी भी खास अच्छी नहीं है। वह इसे स्वीकारते हुए कहती हैं, किस्मत की बात है कि मुझे अभी तक जिन-जिन हिंदी फिल्मों में काम करने के मौका मिला उनमें मुझे शुद्ध हिंदी बोलनी भी नहीं थी। टि्वटर पर मेरे प्रशंसकों ने बताया है कि उन्हें मेरे बोलने का अंदाज बहुत अच्छा लगा। जाने तू... के प्रोड्यूसर आमिर खान मुझसे कहते थे कि अपने उच्चारणों को लेकर इतना परेशान न हो।... हर कलाकार का अपना अलग स्टाइल होता है और लोग उसे फिल्म के पात्र से जोड़कर देखते हैं।
फिल्मों में आने के बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री मुझे बहुत वाहियात जगह लगती थी। मैं सोचती थी कि जो लोग कुछ नहीं कर पाते वो यहां आ जाते हैं। हालांकि मेरे पेरेन्ट्स ने मुझे ऑलराउंडर बनाया है। वे कहते हैं कि जो अवसर मिले उसे यूं ही खोना नहीं चाहिए। मैं अपनी ग्रेजुएशन भी पूरी करना चाहती थी इसलिए रात को शूटिंग करती और सुबह कॉलेज जाती।
कैमरे के जीवन में दाखिल होने से पहले जेनेलिया पूरी तरह से टॉम बॉय थीं, अब वह बबली गर्ल हैं। दर्शकों ने उन्हें खास जगह दी है लेकिन जेनेलिया अभी भी खुद को स्थापित नहीं मानती। वह कहती हैं , मुझे ऎसा महसूस होता है कि इंडस्ट्री में मैं बाहरी व्यक्ति हूं। स्टार किड्स के बीच खुद को स्थापित करने के लिए काफी मेहनत करनी है। मैं यहां बहुत ज्यादा घुल-मिल भी नहीं पाती हूं। किसी पार्टी में जाती हूं तो लगता है कि सबकी नजरों से घिर गई हूं, मैं रूक नहीं पाती। वैसे भी मैं स्मोक और ड्रिंक नहीं करती। मैं रात को दस बजे सो जाने वाली लड़की हूं।
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