सचिन तेंदुलकर का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो तो उम्र उसके आड़े नहीं आती है और लोगों को भी उनकी उम्र के बारे में अब बात करना बंद कर देना चाहिए। मेरा मानना है कि जब तक आप मानसिक रूप से मजबूत हैं और मैदान में हर स्थिति से गुजर सकते हैं तो आयु कहीं आड़े नहीं आती है। इसलिए लोगों को अब मेरी उम्र के बारे में बात करना बंद कर देना चाहिए। यदि मैं 37 वर्ष की उम्र में दोहरा शतक लगा सकता हूं तो फिर साफ है कि उम्र प्रदर्शन के रास्ते में कोई बाधा नहीं है।
मैच के बाद कहा कि यह पिच बिल्कुल भी मददगार नहीं थी और इसमें गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं था। यदि इस विकेट में तेज गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं था तो कम से कम स्पिनरों को तो मदद मिलनी चाहिए थी मगर यह बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग पिच थी जहां गेंदबाजों की मैदान में चारों तरफ धुनाई हुई। -महेन्द्र सिंह धोनी, भारतीय कप्तान
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