कोलंबो। संकटमोचक बने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (108*) और सुरेश रैना (66*) की बेहतरीन पारियों की बदौलत भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन वापसी करने में सफल रही। ओपनर वीरेंद्र सहवाग (99) व मुरली विजय (58) ने भी अर्द्धशतक जमाए। भारत ने स्टंप के समय तक पहली पारी में चार विकेट पर 382 रन बना लिए थे। हालांकि टीम इंडिया अब भी श्रीलंका से 260 रन पीछे है और उसे फॉलोऑन बचाने के लिए 61 रन की जरूरत है।
सचिन और रैना पांचवें विकेट के लिए 141 रन जोड़ चुके हैं। दोनों बल्लेबाजों पर गुरूवार को भी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का दारोमदार रहेगा। कैरियर का 48वां शतक जमाने वाले सचिन ने 181 गेंदों का सामना कर 14 चौके और एक छक्का तथा अपना पहला टेस्ट खेल रहे रैना ने 133 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए हैं। श्रीलंका की चारों सफलताएं स्पिनरों की झोली में गई हैं। अजंथा मेंडिस और अपना पहला टेस्ट खेल रहे ऑफ स्पिनर सूरज रणदीव ने दो-दो विकेट लिए हैं।
8 रन में तीन विकेट इससे पहले भारत ने बुधवार को पारी 0/95 रन से आगे बढ़ाई। सहवाग और विजय की सलामी जोड़ी ने बिना किसी परेशानी के स्कोर 165 रन तक पहुंचा दिया लेकिन इसी स्कोर पर सहवाग पैवेलियन लौट गए। सहवाग ने 186 मिनट तक क्रीज पर रहकर 101 गेंदों में 15 चौके लगाए। भारत ने इसके बाद आठ रन में दो विकेट और गंवा दिए।
सहवाग के आउट होते ही विजय की एकाग्रता भी टूट गई। भारत को राहुल द्रविड़ (3) से काफी उम्मीदें थीं लेकिन पहले टेस्ट की तरह ही वे इस बार भी टीम को मझधार में छोड़ गए। रणदीव ने 173 के स्कोर पर द्रविड़ को पगबाधा किया। इसके बाद सचिन और लक्ष्मण ने चौथे विकेट के लिए 68 रन की साझेदारी की।
मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाजों ने बेहद खराब शॉट खेले। मैं तो निश्चित रूप से खराब शॉट खेलकर आउट हुआ। हां, लक्ष्मण के मामले में फैसला शायद संदिग्ध था। जब हम गेंदबाजी कर रहे थे तो श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने ऎसी गलती नहीं की। इसी कारण वे पहली पारी में 642 रन बनाने में सफल रहे। हमने श्रीलंकाई स्पिनरों की वजह से नहीं बल्कि अपनी गलतियों से विकेट गंवाए। उम्मीद है कि हम आगे की पारियों में ऎसी गलतियां नहीं करेंगे। वीरेंद्र सहवाग
महाशतक से छह कदम दूर मास्टर ब्लास्टर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर क्रिकेट इतिहास में शतकों का महाशतक पूरा करने से अब सिर्फ छह कदम दूर रह गए हैं। 37 वर्षीय सचिन के 20 वर्षो से ज्यादा के अंतरराष्ट्रीय कैरियर में उनका यह कुल 94वां शतक है। वे वनडे में 46 शतक बना चुके हैं। उन्हें टेस्ट में शतकों का अर्द्धशतक पूरा करने के लिए दो सैकड़े और चाहिए।
सचिन के इसके अलावा 168 टेस्ट में 55 अर्द्धशतक और 442 वनडे में 93 अर्द्धशतक भी हैं। टेस्ट शतक बनाने के मामले में इस वक्त सचिन के आसपास कोई नहीं है। पोंटिंग 39 शतकों के साथ दूसरे और दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर जैक्स कैलिस (35) तीसरे स्थान पर हैं। वनडे में सचिन 46 शतक के साथ पहले, पोंटिंग (29) दूसरे और श्रीलंका के सनथ जयसूर्या (28) तीसरे स्थान पर हैं।
विदेश में 27वां शतक - सचिन के विदेश में 27 शतक पूरे। - सचिन का श्रीलंका के खिलाफ 24वें टेस्ट में 9वां शतक। - चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सचिन का 42वां शतक। - सचिन ने 11 साल बाद श्रीलंका में 5वां शतक लगाया। विदेशी धरती पर इससे ज्यादा 6 शतक उन्होंने आस्ट्रेलिया में लगाए हैं। - रैना पदार्पण टेस्ट में 50 या इससे ज्यादा रन बनाने वाले 37वें भारतीय। इसी वर्ष बद्रीनाथ ने भी किया था कारनामा। - सहवाग 99 के स्कोर पर स्टंप आउट होने वाले तीसरे बल्लेबाज। उनसे पहले पाकिस्तान के मकसूद अहमद (1955) व न्यूजीलैंड के जॉन राइट (1992)। - सहवाग लगातार चौथे टेस्ट शतक से चूक गए। चौथी बार नर्वस नाइंटीज के शिकार। - वीरू से पहले श्रीलंका में 99 पर सिर्फ जयवर्द्धने आउट। - पिछले 9 टेस्ट से सहवाग ने हर बार 50 का आंकड़ा पार किया है। इंडीज के विवियन रिचड्र्स व गंभीर ने लगातार 11 तथा इंग्लैंड के जॉन एड्रिच ने 10 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी। - भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने श्रीलंका में पहले विकेट के लिए चौथी बार 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की। सिद्धू-प्रभाकर ने 1993 में सर्वाधिक 171 रन जोड़े। - 26 वर्षीय विजय ने छठे टेस्ट में दूसरी फिफ्टी लगाई। दोनों श्रीलंका के खिलाफ। - सचिन अब 76 शतकीय भागीदारियां निभा चुके हैं। उनसे ज्यादा द्रविड़ (82) व पोंटिंग (78)।
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