कोलंबो। भारत की आठ महीनों की टेस्ट बादशाहत खतरे में पड़ गई है और सोमवार से श्रीलंका के खिलाफ एसएससी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में पराजय भारत को चोटी के स्थान से बेदखल कर सकती है। श्रीलंका ने गाले में भारत से पहला टेस्ट दस विकेट से जीत लिया था और यदि वह दूसरे टेस्ट में भी जीत हासिल कर लेता है तो वह भारत को अपदस्थ कर आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक पोजिशन पर पहुंच जाएगा।
भारत ने गत वर्ष दिसंबर में श्रीलंका से घरेलू टेस्ट सीरीज 2-0 से जीतकर पहली बार रैंकिंग में नंबर एक स्थान हासिल किया था। हालांकि मौसम विभाग ने टेस्ट के पहले चार दिन भारी बरसात की चेतावनी दी है। गाले में भी बारिश के कारण दूसरे दिन का खेल पूरी तरह धुल गया था।श्रीलंका क्रिकेट के सचिव निशांता रणतुंगा ने कहा कि यदि हम भारत को मौजूदा टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराने में सफल रहते हैं तो हम दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बन जाएंगे जो 1996 में वनडे विश्व कप जीतने के बाद हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
श्रीलंका इस समय चौथे स्थान पर है। श्रीलंका ने एसएससी में पिछले छह वर्षो में एक भी टेस्ट नहीं गंवाया है। श्रीलंका अपने इस रिकॉर्ड की बदौलत भारत को एसएससी में ही अपदस्थ करने का सपना देख रहा है। यदि श्रीलंका यह मैच ड्रा भी करा लेता है तो भी वह भारत को शीर्ष से हटाने की स्थिति में रहेगा लेकिन तब इसका फैसला तीसरे टेस्ट में जाकर होगा। दूसरी ओर अगर भारत जीत हासिल करने में सफल रहता है तो वह अपनी नंबर एक पोजिशन बरकरार रख पाएगा।
सचिन करेंगे स्टीव वॉ की बराबरी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर मैदान में उतरने के साथ ही आस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान स्टीव वॉ के सर्वाधिक 168 टेस्ट खेलने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। वॉ ने 1985 से लेकर 2004 तक 19 वर्ष के कैरियर में 168 टेस्ट में 10927 रन बनाए जिनमें 32 शतक शामिल हैं जबकि 1989 में कैरियर शुरू करने वाले सचिन अब तक 167 टेस्ट में 13539 रन बना चुके हैं। इनमें 47 शतक शामिल हैं।
सचिन के श्रीलंका के खिलाफ आठ शतक और पांच अर्द्धशतक की मदद से 23 टेस्ट में 56.56 के औसत से 1697 रन हैं। दोनों देशों के बीच सर्वाधिक रन बनाने के सचिन के 1697 रन के रिकॉर्ड को जयवर्द्धने से खतरा है, जिनके भारत के खिलाफ 16 टेस्ट में 68.78 के औसत से 1582 रन हैं।
गंभीर का खेलना संदिग्ध ओपनर गौतम गंभीर का घुटने की परेशानी के कारण खेलना संदिग्ध नजर आ रहा है। भारत की उम्मीदों के लिए यह खबर एक बड़ा झटका है। हालांकि खब्बू बल्लेबाज गंभीर पहले टेस्ट में बुरी तरह फ्लॉप रहे थे लेकिन भारत को उनके जैसे अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत है और गंभीर खुद भी विपरीत परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं।
गंभीर गाले में पहले टेस्ट की दोनों पारियों में ही पहले ओवर में आउट हो गए थे। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि वे अभी निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि गंभीर खेल पाएंगे या नहीं। उनके घुटने में कुछ परेशानी है और उनके खेलने के बारे में फैसला मैच की सुबह किया जाएगा। भारत अपने दो तेज गेंदबाज जहीर खान और शांताकुमारन श्रीसंत को चोटों के कारण पहले ही गंवा चुका है।
तीन सीमर उतारने के संकेत धोनी मैच में तीन तेज गेंदबाज उतार सकते हैं। धोनी ने संकेत दिए हैं कि यदि भारत पहले गेंदबाजी करता है तो वे तीन सीमर और एक स्पिनर के साथ उतर सकते हैं लेकिन पहले बल्लेबाजी करने की स्थिति में वे दो तेज गेंदबाज और दो स्पिनरों की परंपरागत रणनीति के साथ उतरेंगे। धोनी ने कहा कि इस पिच पर गाले के मुकाबले कुछ ज्यादा घास दिखाई दे रही है और इससे तेज गेंदबाजों को ज्यादा उछाल मिलने की उम्मीद है। यदि भारत पहले गेंदबाजी करता है तो मध्यम तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल को मौका मिल सकता है।
मुनाफ को तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत के चोटिल होकर सीरीज से बाहर हो जाने के बाद टीम में शामिल किया गया था लेकिन वे पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे। धोनी पहले टेस्ट में दोनों तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और अभिमन्यु मिथुन के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए थे जबकि दोनों स्पिनर हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा ने टीम को निराश किया था।
मेंडिस बन सकते हैं सिरदर्द स्पिनर अजंथा मेंडिस भारत के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। मुरलीधरन के संन्यास लेने से मेंडिस को टीम में जगह मिली है। मेंडिस ने अभ्यास मैच में छह विकेट झटके थे। मेंडिस ने 2008 की पिछली सीरीज में टेस्ट पदार्पण किया था और उस सीरीज में उन्होंने 26 विकेट लेकर भारत को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था।
हालांकि मेंडिस को उस सीरीज जैसी सफलता बाद में नहीं मिली लेकिन उस सीरीज की कामयाबी ने उन्हें ऎसे अबूझ स्पिनर का खिताब दिला दिया था जो एक ओवर की छह गेंदें अलग-अलग अंदाज में फेंक सकता है। वे लक्ष्मण को पांच और द्रविड़ को चार बार आउट कर चुके हैं।
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