जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को पेश राज्य बजट में खेल और खिलाडियों को कई सौगाते दी हैं। गहलोत ने ओलंपिक, एशियाड एवं राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले प्रदेश के 12 खिलाडियों को इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में 25 बीघा भूमि निशुल्क आवंटित करने की घोषणा की। इसके साथ गहलोत ने पहली बार टूर्नामेंट की तैयारी में जुटे खिलाडियों को प्रोत्साहन के तौर पर नकद राशि देने का फैसला किया है।
राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष शिवचरण माली ने पिछले दिनों एनआईएस सेंटर पटियाला का दौरा किया था और इसी दौरान उन्होंने वहां पर राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में जुटे प्रदेश के खिलाडियों को हर संभव सहायता देने का वादा किया था। इस घोषणा को उसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस साल खेलों को काफी कुछ मिला है।
खेल जगत को सौगात
* ओलंपिक, एशियाड एवं राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले 12 खिलाडियों को इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में 25 बीघा भूमि निशुल्क देने की घोषणा की। इन तीनों खेलों भाग लेने वाले खिलाडियों को 25 बीघा जमीन रियायती पर। * राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में जुटे प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी को 1 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। खिलाड़ी इस राशि को खाने-पीने, प्रशिक्षण के खर्चे और उपकरण खरीदने में कर सकेंगे। * एनआईएस, पटियाला से डिप्लोमा करने वाली प्रदेश की महिला खिलाडियों को एक-एक हजार रूपए का वजीफा प्रतिमाह देने का ऎलान। * कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 में "क्वींस बैटन रिले" राज्य के विभिन्न जिलों से गुजरेगी। इससे संबंधित व्यवस्थाओं के लिए 50 लाख रूपए उपलब्ध करवाए जाएंगे। * खेलों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में खर्च के लिए खेल विभाग को आगामी वर्ष में यूनाइटेड़ फंड के रूप में 2 करोड़ की राशि दी जाएगी। * अंतरराष्ट्रीय स्पर्द्धाओं में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाडियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। * 2 करोड़ रूपए अजमेर में निर्माणाधीन हॉकी एस्ट्रोटर्फ का कार्य पूर्ण करने के लिए। एस्ट्रोटर्फ का काम पिछले दो साल से चल रहा है। * भरतपुर में कुश्ती, सीकर में बास्केटबॉल, चुरू में वॉलीबॉल, झूंझूनू में एथलेटिक्स, जयपुर में कबड्डी और उदयपुर में तीरंदाजी का डे-बोर्डिंग शुरू किया जाएगा। जिसमें क्रीड़ा परिषद के कोच प्रशिक्षण देंगे। डे-बोर्डिüग में चयनित बच्चों को स्पोट्र्स किट व 500 रूपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। प्रदेश के 13 से 18 वर्ष तक की आयु के अध्ययनरत बालक इसमें दाखिला ले सकेंगे।
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