नई दिल्ली। डोपिंग में पकडे गए अर्जुन पुरस्कार विजेता ओलंपियन राजीव तोमर सहित छह पहलवानों का बी नमूना भी पॉजीटिव पाया गया है और अब वे तीन अक्टूबर से शुरू होने वाले 19वें राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर हो गए हैं।
डोपिंग में दोषी पाए जाने के बाद इन पहलवानों ने शनिवार को अपना बी नमूने का राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) में परीक्षण कराया था और सोमवार को यह भी पॉजीटिव मिलने से उनकी रही-सही संभावनाएं भी खत्म हो गईं। ये पहलवान प्रतिबंदित दवा मिथाइलहेक्सानेमाइन के सेवन के दोषी पाए गए थे और यह दवा विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के प्रतिबंधित वर्ग के तहत आती है।
वाडा ने इस वर्ष जनवरी में ही इस पर प्रतिबंध लगाया था। सभी छह पहलवानों ने दो दिन पहले नाडा से अपने बी नमूने के परीक्षण का आग्रह किया था जबकि डोपिंग में पकडे गए दो अन्य एथलीट शॉटपुटर सौरभ विज और डिस्कस थ्रोअर आकाश अंतिल इसके लिए नहीं आए थे। सूत्रों के अनुसार विज और अंतिल के पास डोपिंग आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए एक सप्ताह का समय है। यदि इस दौरान वे नहीं आते हैं तो 8वें दिन उनके बी नमूने को स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शियों के समक्ष खोल दिया जाएगा।
"कोचों-अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई" पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और क्लीन स्पोट्र्स इंडिया (सीएसआई) के अध्यक्ष परगट सिंह ने भारतीय खिलाडियों के डोपिंग मामले के लिए जिम्मेदार कोचों और अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। परगट ने कहा कि हम चाहते हैं कि भारतीय कुश्ती, तैराकी और एथलेटिक्स महासंघ के अधिकारियों से जवाबदेही हो, जिन्होंने खेलों से ठीक पहले भारत की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया है।
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