इस्लामाबाद । स्पॉट फिक्सिंग की आरोपी पाकिस्तानी क्रिकेटरों की तिकड़ी टेस्ट कप्तान सलमान बट, तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर ने स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उनके होटल के कमरों से जो ब्रिटिश मुद्रा मिली थी वह उन्हें सट्टेबाज मजहर माजिद ने दी थी। जियो टीवी ने खबर दी है कि खिलाडियों ने यह तो स्वीकार किया है कि यह राशि उन्हें माजिद से मिली थी, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा है कि यह राशि उन्हें उनके प्रायोजन अनुबंधों के चलते दी गई थी। खिलाडियों ने साथ ही कहा है कि माजिद उनके लिए विज्ञापन जुटाने के काम में एजेंट की भूमिका निभाता था और वे नहीं जानते थे कि वह सट्टेबाज है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के कानूनी सलाहकार तफाजुल रिजवी ने पुष्टि की है कि खिलाडियों ने यह बयान दिया था। रिजवी ने कहा कि खिलाडियों ने अपने प्रायोजन अनुबंध के लिखित दस्तावेज पुलिस को दिखाए। यही कारण था कि उन्हें बिना कोई आरोप लगाए जाने दिया गया था। रिजवी ने कहा कि खिलाडियों ने अपने एजेंट खुद चुने थे और बोर्ड का इनके साथ कोई लेना-देना नहीं है। दूसरी ओर बट ने पहले कहा था कि यह पैसे उनकी बहन की शादी के लिए रखे थे।
आमेर-आसिफ आईसीसी पुरस्कारों से बाहर
दुबई। फिक्सिंग के आरोप में फंसे आसिफ और आमेर का नाम आईसीसी पुरस्कारों की सूची से हटा दिया गया है। आमेर को "सर्वश्रेष्ठ उभरता क्रिकेटर" और आसिफ को "सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर" की श्रेणी में रखा गया था। आईसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन खिलाडियों के नाम हटा दिए गए हैं और ज्यूरी को इसकी सूचना दे दी है। आईसीसी पुरस्कार सोमवार को बेंगलुरू में दिए जाएंगे।
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