नई दिल्ली । भारतीय पुरूष रिकर्व टीम ने शनिवार को चीन के शंघाई में जापान को रोमांचक मुकाबले में 224-220 से हराकर विश्व कप तीरंदाजी चैंपियनशिप के चरण-4 में स्वर्ण पदक पर निशाना साध लिया। भारत ने इसके साथ ही प्रतियोगिता में एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता। युवा महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी अपने पहले सीनियर फाइनल में इतिहास बनाने से चूक गई और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा, जबकि जयंत तालुकदार ने व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्द्धा में कांस्य जीता।
तालुकदार, तरूणदीप राय और राहुल बनर्जी की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रोमांचक मुकाबले में जापानी टीम को मात दी। जापानी टीम में रयोता अमानो, ताकाहारू फुरूकावा और हिदेकल किकुची शामिल थे। भारतीय टीम ने पहले एंड की समाप्ति तक 57-54 की बढ़त बना ली थी और दूसरे एंड में उसने अपनी बढ़त को 113-108 पहुंचा दिया। हालांकि जापानी टीम ने तीसरे एंड में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 56-55 का स्कोर किया।
इसके बाद अंतिम एंड में दोनों टीमों का 56-56 का स्कोर रहा। भारत ने इस तरह रिकर्व स्पर्द्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। पुरूष टीम इससे पहले आगडेन में हुए विश्व कप के तीसरे चरण में मेजबान अमेरिका से क्वार्टरफाइनल में हारकर खाली हाथ लौटी थी, लेकिन शंघाई में भारतीय टीम ने स्वर्णिम प्रदर्शन कर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।
भारतीय पुरूष टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय तिकड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे ब्रिटेन को पहले राउंड में 218-215 से हराया था। क्वार्टरफाइनल में अमेरिका को 225-208 से तथा सेमीफाइनल में चीन को 222-214 से हरा फाइनल में प्रवेश किया। जबकि जापान की टीम विश्व चैंपियन कोरिया पर 224-216 की सनसनीखेज जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंची थी।
फाइनल में हारीं दीपिका
दीपिका को कोरिया की बो बेई की के हाथों 27-29, 27-29, 28-28, 27-30 से हार रजत से संतोष करना पड़ा, जबकि तालुकदार ने इटली के मार्को गेलियाजो को 28-29, 30-26, 28-28, 29-27, 28-27 से हराकर कांस्य पदक जीता। इस बीच तालुकदार के साथ ही महिला तीरंदाज डोला बनर्जी व दीपिका ने 18 और 19 सितंबर को एडिनबर्ग में होने वाले फाइनल विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। दीपिका फाइनल्स में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय महिला तीरंदाज बनी हैं। इससे पहले डोला बनर्जी को यह श्रेय हासिल था। तालुकदार 2006 और 2009 में फाइनल खेल चुके हैं।
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