मेलबोर्न । टीम इंडिया की युवा ब्रिगेड शुक्रवार को जब यहां आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ट्वंटी-20 मैच में उतरेगी तो उसके पास त्रिकोणीय वनडे सीरीज से पहले जीत की पटरी पर लौटने का आखिरी मौका होगा। भारत को पहले मैच में 31 रन से हार का सामना करना पड़ा था। ओपनिंग में भारत की समस्या पिछले कई मैचों से है। गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की जोड़ी ठोस शुरूआत देने में लगातार फ्लॉप हो रही है। पार्थिव पटेल को ओपनिंग पर उतारा जा सकता है।
मध्यक्रम में विराट कोहली फॉर्म में हैं और दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की कूव्वत रखते हैं। सुरेश रैना पिछले मैच में सस्ते में निपट गए थे जबकि रोहित शर्मा तो खाता भी नहीं खोल पाए। कप्तान एमएस धोनी का लय में लौटना टीम के लिए सबसे अच्छी बात है। रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी हाथ दिखाने में सक्षम हैं। गेंदबाजी में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, प्रवीण कुमार, विनय कुमार व राहुल शर्मा पर दारोमदार रहेगा।
हालांकि राहुल पिछले मैच में अपनी ही गेंद पर ट्रेविस बर्ट का कैच लपकते समय अंगुली चोटिल करा बैठे थे। दूसरी ओर, आस्ट्रेलिया के पास भी युवा खिलाडियों की फौज होने के साथ डेविड हसी व ब्रेड हॉग के रूप में दो शानदार अनुभवी खिलाड़ी हैं।
हरफनमौला इरफान को खिलाओ : गावसकर
पूर्व कप्तान सुनील गावसकर का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को इरफान पठान को टीम में शामिल करने के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि उनको बैठाए रखना अच्छा संकेत नहीं है। गावसकर ने कहा कि ट्वंटी-20 गेंदबाजों के लिए कठिन है लिहाजा ऎसे गेंदबाजों का होना हमेशा फायदेमंद होता है जो बल्लेबाजी भी कर लें और अच्छे क्षेत्ररक्षक भी हों।
इरफान हरफनमौला हैं और खब्बू भी। भारत के लिए उन्हें उतारना अच्छा होगा। साथ ही धोनी को अब शीर्ष क्रम में उतरकर मोर्चे की अगुवाई करनी चाहिए।
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