गुवाहाटी । असम में शुक्रवार तड़के एक शक्तिशाली बारूदी सुरंग के विस्फोट में अर्द्धसैनिक बल के पांच जवानों की मौत हो गई और 30 घायल हो गए। इनमें से पांच ही हालत गंभीर है। प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उग्रवादियों ने गोलपाड़ा जिले के होलमारी गांव के पास से गुजर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों से भरी बस को रिमोट कंट्रोल के जरिए निशाना बनाया।
यह स्थान असम के मुख्य शहर गुवाहाटी से लगभग 130 किलोमीटर दूर है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे के समय सीआरपीएफ के 40 जवान आतंकवाद-विरोधी प्रशिक्षण प्राप्त कर एक बस में वापस लौट रहे थे। इस हादसे में सीआरपीएफ के चार जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 30 अन्य घायल हो गए। घायलों में से एक ने बाद में स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया। सभी 29 घायलों को पहले गोलपाड़ा जिले के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसके बाद उन्हें गुवाहाटी के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आगे के इलाज के लिए भेज दिया गया।
इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए उल्फा के प्रवक्ता अनु बुरागोहान ने बताया कि सीआरपीएफ की बस पर हमने हमला किया है। यदि सरकार हमारे सदस्यों को मारना बंद नहीं करेगी तो ऎसी और भी घटनाएं हो सकती हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने सेना के जवानों के साथ मिलकर गहन तलाशी अभियान चलाया है।
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