नई दिल्ली । एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि देश में महिला सांसद, पुरूष सांसदों की तुलना में कहीं ज्यादा सफल और योग्य हैं। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च द्वारा तैयार किए गए आंकड़े के अनुसार चुनावों में महिला उम्मीदवार पुरूष उम्मीदवारों के मुकाबले ज्यादा सफल रही हैं।
चुनाव जीतने वाली महिला उम्मीदवारों का प्रतिशत जहां 10 रहा है वहीं चुनाव जीतने वाले पुरूष उम्मीदवारों का प्रतिशत मात्र छह है। महिला सांसदों की श्ौक्षिक योग्यता भी पुरूष सांसदों से बेहतर है, क्योंकि 32 फीसदी महिला सांसद परास्त्रातक या डॉक्टरेट की उपाधि धारक हैं, जबकि इस मामले में पुरूष सांसदों का फीसदी मात्र 30 है। जहां 42 फीसदी महिला सांसदों के पास स्त्रातक की डिग्री है, वहीं स्त्रातक डिग्री वाले पुरूष सांसदों का अनुपात 46 फीसदी है।
14वीं लोकसभा में 30 फीसदी महिलाओं के पास स्त्रातक की डिग्री थी और 58 फीसदी महिलाओं के पास उच्च डिग्री थी। महिला सांसदों की औसत उम्र, पुरूष सांसदों की उम्र से कम हैं। अध्ययन में कहा गया है, महिला सांसदों की औसत उम्र 47 वर्ष है, जबकि पुरूष सांसदों की औसत उम्र 54 साल है। किसी भी महिला सांसद की उम्र 70 साल से अधिक नहीं है, जबकि सात प्रतिशत पुरूष सांसदों की उम्र 70 साल से अधिक है।
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