पटना/बेगूसराय। बिहार में 29 अगस्त को नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए तीनों पुलिसकर्मी सोमवार को मुक्त हो गए। इस मामले में सात नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों पुलिसकर्मी रूपेश कुमार सिन्हा, अभय यादव तथा एहसान खान को लखीसराय जिले के चानन और कजरा थाना क्षेत्र की सीमा पर बसे लाखोचक गांव से रिहा कराया गया है। तीनों पुलिसकर्मी स्वस्थ एवं सकुशल हैं हालांकि वे सभी तनाव में जरूर हैं।
रिहा पुलिसकर्मियों की सबसे पहले स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। इधर, राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि श्रृंगी ऋषि पहाड़ी क्षेत्र से इन तीनों बंधकों को मुक्त कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के तलाशी अभियान के कारण नक्सली घिर गए थे। नीलमणि के मुताबिक इस मामले में सात नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
भगवान ने सुन ली मेरी: रजनी पुलिसकर्मियों की रिहाई के बाद बंधक पुलिसकर्मियों के घरों में खुशी की लहर दौड़ गई। रिहा पुलिसकर्मी अभय यादव की पत्नी रजनी देवी अपने पति और उनके मित्रों की रिहाई से बेहद खुश हैं। वह कहती हैं कि भगवान ने उनकी सुन ली। बेगूसराय निवासी अभय की पत्नी इन दिनों अपने मायके खगडिया में हैं।
नक्सली अभद्र व्यवहार नहीं करते थे: एहसान बिहार सैन्य बल-10 के कांस्टेबल और झारखंड निवासी एहसान खान ने नक्सलियों के चंगुल से आठ दिन बाद मुक्त होने के बाद कहा कि नक्सलियों ने उनके साथ कभी कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया। मुक्त होने के बाद लखीसराय थाना परिसर में खान ने बताया कि नक्सली उनकी आंखों पर हमेशा पट्टी बांध कर रखते थे। उन्हें खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं हुई। खान ने बताया कि नक्सली आदर से पेश आते थे।
नक्सली चुनाव लड़े: नीतीश इस बीच, पटना में नीतीश कुमार ने कहा कि इस रिहाई में बुद्घिजीवियों, पत्रकारों, सभी राजनीतिक दलों के लोगों, अधिकारियों तथा पुलिस सभी ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई। यही कारण है कि बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी रिहा हो सके। उन्होंने कहा कि मैं नक्सलियों से अपील करता हूं कि हिंसा से कोई कुछ हासिल नहीं कर सकता। भारत जैसे देश में हिंसा के जरिए सत्ता पर नहीं काबिज हुआ जा सकता। नक्सलियों को हिंसा त्यागने में देरी नहीं करनी चाहिए। कुछ दिनों में बिहार में चुनाव होने वाला है, यहीं से उन्हें इसकी शुरूआत कर देनी चाहिए।
नेताओं की राजनीति शुरू विपक्षी नेताओं ने भी तीनों बंधकों की रिहाई पर खुशी जाहिर की लेकिन वे नीतीश सरकार पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने बंधक पुलिसकर्मियों की रिहाई के बाद कहा कि इसका श्रेय किसी को नहीं लेना चाहिए। लालू ने कहा कि इस मामले में कोई के्रडिट ना ले।
इसके लिए पुलिस, सभी दलों के सदस्यों, मीडिया और बुद्घिजीवियों ने अपील की थी जिसके कारण मानवता के हित में नक्सलियों ने बंधकों को रिहा किया। इसमें सरकार और पुलिस का कोई रोल नहीं है। लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि राज्य सरकार इसे अपनी जीत न समझे। इन्हें पुलिस ने नहीं छुड़ाया बल्कि नक्सलियों ने खुद इन्हें छोड़ा।
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