पटना । बंधक पुलिसकर्मियों के मामले में नक्सलियों के आगे झुकते हुए बिहार सरकार ने बढ़ते दबाव के कारण बातचीत की पेशकश की है। साथ ही बातचीत के लिए आने वाले नक्सलियों को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है बातचीत के लिए आने वाले नक्सलियों के साथ सरकार किसी तरह का धोखा नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह बातचीत फोन के जरिए नहीं होगी। उन्हें आमने-सामने आकर बात करनी होगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि नक्सलियों को किसी भी पुलिस कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इससे पहले शाम चार बजे सचिवालय कक्ष बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को छुड़ाए जाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। सभी पार्टियों ने बंधक पुलिसकर्मियों को छोड़ने की नक्सलियों से अपील की है।बैठक में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व लोजपा नेता रामविलास पासवान शामिल नहीं हुए।
नक्सलियों ने मांगी माफी
नक्सलियों के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने शनिवार सुबह एक स्थानीय चैनल से कहा कि बंधक बनाए गए चार जवानों में से एक अभय यादव की हत्या की गलत जानकारी देने के लिए वह सभी से माफी मांगते हैं। दरअसल लुकस टेटे की हत्या की गई थी। उन्होंने अपनी मांग को फिर दोहराते हुए कहा कि सरकार अपने तीन पुलिसकर्मियों के एवज में जेल में बंद हमारे आठ साथियों को रिहा करे। ऑपरेशन चलाने से कुछ नहीं होगा। बंधक बनाए गए शेष तीनों पुलिसकर्मी अभी जिन्दा हैं।
इसका प्रमाण वे ऑडियो के जरिए शाम को मीडिया को सुना देंगे। बंधक चार पुलिसकर्मियों में से बिहार सैन्य पुलिस के लुकस टेटे का शव पुलिस ने लखीसराय के चानन थाना क्षेत्र से बरामद किया था। अभी भी रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय) तथा ऎहतशाम खान (मांडर, रांची) नक्सलियों के कब्जे में हैं।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार!
बिहार पुलिस ने दो नक्सलियों को मुंगेर के हवेली खड़कपुर के जंगलों से शुक्रवार रात हिरासत में लिया। पुलिस को शक है कि ये दोनों पुलिस बंधक कांड के मास्टरमाइंड है। पुलिस के मुताबिक इनमें से एक शख्स नक्सलियों के प्रवक्ता अविनाश का करीबी रिश्तेदार है।
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