कभी हम खुद को कमतर आंकते हैं तो कभी दूसरों से शिकायत करते हैं और कभी तो इतने व्यस्त कि पूछो मत। ये आदतें जिंदगी की तस्वीर से रंगों को उड़ा देती है। हरे, नीले, आसमानी रंग अभी कहीं खोए नहीं, बस धुंधला गए हैं, कोशिश करेंगे तो नजर आएंगे फिर से, मुस्कान बिखेरेंगे। आप देखिए तो सही जिंदगी जितनी है उससे ज्यादा मिलेगी
यहां बात एक्स्ट्रा मनी या कपड़ों की नहीं बल्कि एक्स्ट्रा लाइफ की हो रही है। छोटी लेकिन बड़ी चीज, जो आपकी आत्मा तक को संतुष्ट कर दे। उदाहरण के लिए हाइवे पर तेजी से जा रहे हैं और आंखों के सामने प्रकृति से भरपूर नजारे आने लगे हों। यह तुरंत ही आपका ध्यान आकçष्ाüत कर लेते हैं। आप गाड़ी के ब्रेक लगाकर उन नजारों का आनंद लेने के लिए कार से बाहर उतरने को आतुर हो उठते हैं। समय की सीमाओं से परे प्राकृतिक वैभव के नजारों को आप हमेशा के लिए आंखों में बसा लेना चाहते हैं। परेशानियों, समस्याओं, थकान यहां तक कि खुद को भी भूल जाते हैं। रिफ्रेश होकर अगले पड़ाव पर पहुंचने का उत्साह लिए रवाना हो जाते हैं। क्या है यह सब जो आपको एक बार फिर चार्ज कर देता है। जीवन की इन्हीं छोटी-छोटी बातों में ही तो छुपा है सार।
कुदरत के आगोश में जिंदगी की रफ्तार को थोड़ा धीमा करें। कुछ पल प्रकृति से जुड़ने के लिए भी निकालें। थोड़ा समय प्राकृ तिक सुंदरता और खूबसूरत सोच को भी दीजिए। ताजा फूलों की खुशबू को सांसों में गहरे उतर जाने दें। बनावटी, भागदौड़ वाली लाइफ स्टाइल से दूर जाकर कुछ पल प्रकृति के बीच जीएं।
कभी न कहें..... अब उम्र ज्यादा हो गई है या अभी तो इन सबके लिए बहुत समय पड़ा है ऎसा कहना ही आपको सीमाओं में बांध देता है। क्षमता, काबिलियत और असाधारण चीजों की अपनी सीमाएं हैं। उदाहरण के लिए, एक सौ एक वष्ाीüय बुजुर्ग श्रीमान शंकर चौधरी ने पूरी जिंदगी यायावर की तरह दुनिया घूमते हुए बिताई। रोजाना सैर पर निकलते थे। एक दिन उन्होंने अपने बेटे को टे्रडमिल लाकर देने को कहा, वे नहीं चाहते थे कि इस उम्र में अकेले चलकर कभी चोट खा जाएं और बिस्तर पर पड़े रहने को मजबूर हो जाएं। इंदौर के अश्क अली तो और भी जोरदार निकले। सोलह साल की उम्र में उन्होंने आस-पास के गांवों के सैंकड़ों गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। आशय ये कि सोच को छोटे से तालाब तक सीमित करने की बजाए विशाल सागर की तह में गोते लगाने दें।
एक्स्ट्रा रिचार्ज काम की थकान, तनाव और जिंदगी के भय को मन से निकाल दें। सप्ताह का एक दिन तो खुद के लिए खुलकर जीएं। डर, भय, आशंकाओं, बात का बतंगड़ बनाए बिना और आहत हुए बिना। इस दिन दूसरों को प्यार दें और समझ के साथ जीएं। विश्राम लें और नई चीजों को शुरू करने के बारे में सोचें। सोचें कि किस तरह आगे बढ़ा जा सकता है। यह आपका समय है इसमें खुशियां और भविष्य की संभावनाओं को तलाशें। सेहत की बात करें। यह आपकी प्रॉपर्टी और वेल्थ से भी ज्यादा जरूरी है। लक्षणों पर गौर करें, टालें नहीं। इलाज में कोई समझौता ना करें।
प्रार्थना पर भरोसा सफल व्यक्तियों के जीवन में झांके, उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण यही पाएंगे कि वे आध्यात्मिक दृष्टिकोण रखते हैं। खुद को इस और कैसे ले जाएं, यह सवाल आपके भी जेहन में उभरता होगा। इसकी शुरूआत के लिए सबसे पहला कदम है प्रार्थना। दिन की शुरूआत और रात को सोने के लिए जाते समय प्रार्थना करें। कुछ क्षणों के लिए आंखें बंद करें और मन की गहराइयों से ईश्वर से प्रार्थना करें। उसे पुकारना नहीं है, बस उसके हवाले सब कुछ कर देना है। फिर देखें आपका पूरा दिन कितने उत्साह से बीतता है। जयपुर में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा के सारे कर्मचारी अपना काम शुरू करने से पहले हॉल में सामूहिक रूप से प्रार्थना करते हैं। "इतनी शक्ति हमें देना दाता....मन का विश्वास कमजोर हो ना"। मैनेजर अनिता शर्मा कहती हैं, हर एक का काम बड़ी जिम्मेदारी से भरा है, उसमें कोई कोताही न हो और उससे किसी का नुकसान न हो, यही इस प्रार्थना का मूलभाव है। प्रार्थना के बाद मन को वाकई शांति मिलती है और यह हमें पूरे दिन तरोताजा बनाती है। आप भी प्रार्थना करें, मुश्किलें आसान होती जाएंगी, चीजों का भार खुद ब खुद कम होता चला जाएगा। तनाव कम होगा। अपने विचारों, कार्यक्रमों और दिनचर्या में संतुलन साध लें। जब भी खुश या उदास हों, बीमार या स्वस्थ हों, मुश्किल में हों या सफलता में, हर स्थिति में प्रार्थना जरूर करें।
सुनहरी यादों में है शक्ति जीवन के अच्छे पलों, मधुरतम क्षणों को संजोकर रखें। कहीं घूमने गए हों, बहती नदी की कलकल, प्रकृति के बीच, बर्फीली पहाडियां, पहाड़-झरने इनकी तस्वीरें ही कितना आनंद देती है। खुशियां हैं यहां। शक्ति है यहां। यही वह जगहे हैं जहां आंसुओं की बजाय अच्छी अनुभूतियां हैं। इन्हें तस्वीरों, प्रतीक चिह्नों और यादों के रूप में सहेज लें। किसी की याद प्रेरणा बनें, आपके विलाप की वजह नहीं। विलाप और याद में फर्क हैं। आपके साथ जो हुआ उसके लिए किसी को ना कोसे ।
जिंदगी की खोज जिंदगी से जो भी शिकायते हैं, उन्हें दूर कर दें। जब आप शिकायत करना बंद कर देते हैं, आप जिंदगी को बड़े आयाम से देखने लगते हैं, जीने लगते हैं। सच भी है, जब भी आप शिकायत करते हैं, आप कभी अच्छा महसूस नहीं करते। असंतोष्ा महसूस होता है। जीवन को दूसरे तरीके से देखने की कोशिश करें। इसके सुनहरे पक्ष की ओर ध्यान दें। यह पक्ष है प्रशंसा का। लाइफ इज गॉड, लाइफ इज ग्रेट, लाइफ इज ब्यूटीफुल।
माफ कर दें देने और माफ करने का ही दूसरा नाम जिंदगी है। आज भी आप सीखने की प्रक्रिया में हैं। आप देते और माफ सिर्फ इसलिए नहीं करते कि यह सही है, ऎसा करना अच्छा है बल्कि इसलिए करते हैं कि यह आपको अच्छी फीलिंग देते हैं। किसी को क्षमा न करने पर आपका मन भी तो अशांत रहता है जबकि माफी दे देने के बाद आप खुद भी हल्का महसूस करते हैं। इसलिए दूसरों को जो दे सकते हैं किसी भी रूप में, वह दें, क्षमादान की भावना रखें। अपने मन की अच्छी भावनाओं को दूसरों से बांटे।
बड़ी सोच रखें जिंदगी से जुड़ी चीजों को विस्तार से समझे और ग्रहण करें। जिंदगी में आप बहुत लोगों से मिलते हैं और हरेक से मिलना एक नया अनुभव होता है। ऎसा हर व्यक्ति आपको कुछ नई सीख देता है। कई बातें ऎसी होती हैं जो आपको मुश्किलों से पार पाने में मददगार होती हंै। अच्छा या बुरा जो भी मिले उसे जानने-सीखने की कोशिश करें। ये चीजें आपको सही दिशा में ले जाने में मददगार होती हैं। खुद की सोच पर भरोसा रखें। यह आपको गलत दिशा में नहीं ले जाएगी।
अपनी शतोंü पर जीएं दुनिया में आप आते है, यहां आपके कर्म आपकी अलग पहचान निर्घारित करते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस रूप में जाने जाएं। अच्छी सोच रखें, अच्छा साथ रखें। अपने आस-पास अच्छे लोगों को रखें। आपकी इच्छा के विरूद्ध कोई भी आपकी जिंदगी में दखल नहीं दे सकता। कोई कोशिश भी करे तो आपकी सहमति के बिना सफल नहीं हो पाएगा। कोई व्यक्ति अपने गंदे जूते लेकर आपके घर में आना चाहे तो क्या आप इजाजत देंगे? नहीं। ठीक इसी तरह दुर्भावना से ग्रस्त व्यक्ति को आप खुद पर हावी न होने दें। उससे शांत और संयत शब्दों में कह दें, कृपया फलां बात को लेकर मुझ पर दबाव न बनाएं, मैं ऎसा नहीं कर पाऊंगी। वह अपने आप मर्यादाओं के बारे में जान जाएगा। खुद को मजबूत रखना पहली शर्त है।
कायदों में है फायदा खुद को मजबूत बनाने के लिए स्वस्थ और मानसिक रूप से दृढ़ रहें। आध्यात्मिक किताबें पढें, ये आपकी मनोस्थिति और दिमाग को पोçष्ात करती हैं, सोच को गंभीर और गहरा बनाती हैं, विचारों को खूबसूरत करती हैं। अच्छे विचारों और आइडिया को नोट करें और अमल में लाएं। जीवन में सिद्धांत निर्घारित करें और उन पर चलें। जिन लोगों को आपकी जरूरत है उनके काम आएं। जिस तरह आप अपनी प्राथमिकताओं के लिए समय निर्घारित करते हैं ठीक उसी तरह दूसरों की मदद के लिए भी समय निकालें।
ईष्र्या, जलन को छोड़ आएं आपका शरीर ही अपने आपको मापने का शानदार बैरोमीटर है। जब भी जीवन में किसी चीज की कमी महसूस करें, अपनी आंखों को बंद कर सोचें, आपकी तकलीफ, ईष्र्या, जलन, असहजता क्या है। एक के बाद एक शरीर के हर हिस्से पर ध्यान लगाएं। अब गहरी सांस छोड़ते हुए कहें, हर टीस, दर्द सांस के साथ मेरे शरीर से बाहर निकल जाए। आंखें खोलने पर खुद को हल्का महसूस करेंगे। जिंदगी से बेकार की चीजें दूर हो जाएंगी।
ईमानदार बने रहें कुछ लोगों में आदत होती है कि वे दूसरों की बातों या सवालों का जवाब नहीं देते। ऎसा करने में उनकी बहुत समय और ऊर्जा नष्ट होती है। वे अपना समय और ऊर्जा यह सोचने में ही नष्ट कर देते हैं कि मैं उसकी बात क्यों सुनूं, क्या मैं फालतू हूं, उसका नौकर थोड़े ही हूं, उनकी हर बात का जवाब देना क्या जरूरी है....आदि। इसकी जगह अगर वे सामने वाले से रूबरू हो जाएं तो आसानी से इस नकारात्मकता से बच सकते हैं। किसी अवसर पर शामिल होने के लिए कोई आपको आमंत्रित करता है तो पूरे सप्ताह मना करने के बहाने सोचने में वक्त बर्बाद करने की बजाय उसकी खुशियों में शामिल हों। यह सब आपको भी खुशी देगा। जिंदगी को नजरिया दें थोड़ा एक्स्ट्रा जिंदगी भी आपको खूब देगी 50 फीसदी से भी ज्यादा। मीनल रस्तोगी
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