जयपुर । बुधवार रात 43 सांपों के साथ गिरफ्तार हुए राजेश कपूर ने ये सांप तस्करी के लिए एकत्रित किए थे। वह सांपों की डिलीवरी कर करोड़ों रूपए कमाने के चक्कर में था। उसके पास मिले सांपों में 8 सांप दुर्लभ प्रजाति "कोबरा नाग" के हैं। कोबरा के जहर से स्नैक पॉयजन की एंटी डोज बनाई जाती है। इसको पालने के लिए वन विभाग से लाइसेंस लेना होता है। दूसरी प्रजाति दुंबी सांप की है, जिसके बदले बाजार में करीब 20 लाख रूपए मिलने की अफवाह है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड प्राप्त किया है। कोर्ट के आदेश पर देर रात पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से सांपों को भी जंगल में छुड़वा दिया।
दिखावे के लिए हेल्थ सेंटर
पुलिस ने देर रात ही राजेश कपूर के आदर्शनगर इलाके के तनेजा ब्लॉक स्थित घर की तलाशी ली। उसके घर के बाहर हेल्थ सेंटर का बोर्ड लगा हुआ है। घर की तलाशी में कुछ विशेष नहीं मिला है।
सपेरों की मदद से पकड़ता था
राजेश कपूर ने कुछ सपेरों से संबंध बना रखे हैं। उन्हें रात के अंधेरे में वह अपने साथ गलता के आसपास के जंगल में ले जाता था। कपूर ने अपनी जायलो कार पर विशेष प्रकार की रोशनी वाली लाइटें लगा रखी है। रात के अंधेरे में जंगल में इससे रोशनी कर सपेरों की मदद से वह सांपों को पकड़ता था।
एक जगह नहीं मिलती तीनों प्रजाति
बरामद 43 सांपों में से 8 कोबरा,14 रजतवंशी (रॉयल स्नैक) और 21 दुम्भी (रेड सेंटबोआ) प्रजाति के एवं शेष सामान्य किस्म के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों की ये तीनों प्रजातियां प्रकृति में कहीं भी एक जगह नहीं पाई जाती। राजेश कपूर के पास ये प्रजातियां एक साथ मिलना यह साबित करता है कि ये सभी सांप अलग अलग जगहों से जमा किए गए हैं।
पुलिस से की थी मारपीट
राजेश कपूर अपने पिता बसंत कुमार कूपर को भी परेशान करता था। मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था। इससे परेशान होकर पिता बसंत कुमार ने 2006 में आदर्श नगर थाने में बेटे से बचाने की गुहार की थी। पिता की शिकायत पर सिपाही बच्चू सिंह जांच करने पहुंचा तो राजेश कपूर ने उससे भी मारपीट कर दी थी।
दो मामलों में हो चुकी सजा
राजेश कपूर के खिलाफ 1996 में जवाहर नगर थाने में 9 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। कोर्ट ने इस मामले में उसे 12 साल की सजा और ठगी की रकम लौटाने का फैसला सुनाया हुआ है। उसके खिलाफ धोखधड़ी की ही एक एफआईआर माणक चौक थाने में वर्ष 1998 में दर्ज हुई थी। तीसरी एफआईआर आर आदर्श नगर थाने में 2006 में दर्ज हुई। पुलिस कर्मी से मारपीट के मामले में कोर्ट ने गत माह ही उसे 6 माह के कारावास की सजा सुनाई थी।
मोटी रकम की बात अफवाह
सांपों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मोटी कीमत मिलने की बात अफवाह है। सांपों की बाजार में अधिक से अधिक कीमत 5 से 10 हजार रूपए मिल सकती है। लाखों रूपए में सांप बिकना महज अफवाह है। इस अफवाह के चक्कर में लोग सांपों को पकड़ने की जुगत में लग जाते हैं और पुलिस गिरफ्त में आ जाते हैं। महेन्द्र सिंह कच्छावा, वन्य जीव संबंधी ख्यात एडवोकेट
राजेश कपूर की जायलो कार की तलाशी में पुलिस को भगवान गणेश और शंकर की दो एंटीक मूर्तियां मिली हैं। इन्हें वह तस्करी करने की फिराक में था। भगवान गणेश की मूर्ति का कुछ हिस्सा गायब है, जिसके बारे में पूछताछ में पता चला कि वह खरीददार को जांच के लिए बतौर सैंपल दिया हुआ है। राजेश कपूर 2002 में मूर्ति चोरी और तस्करी के मामलों में पकड़ा गया था। इस संबंध में बनीपार्क थाने में मामला दर्ज है। उसके साथ 5 जने पकड़े गए थे।
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