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Tuesday, 07 September, 2010
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आशियाने के लिए बनो अमीर
Friday, July 30, 2010, 01:16 hrs IST
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जयपुर । हाउसिंग बोर्ड के मकान खरीदने के लिए अब थोड़ा और अमीर होना पड़ेगा। बोर्ड ने आवेदक की न्यूनतम वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है। बोर्ड ने स्व वित्तपोषित योजना के आवंटियों को लाभ पहुंचाने के साथ अपने कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति व पदोन्नति के अवसर देने पर भी सहमति जताई है।

यह निर्णय गुरूवार को राजस्थान आवासन मंडल के बोर्ड की बैठक में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष ललित कोठारी ने की। इस अवसर पर नगरीय विकास सचिव जी.एस. संधु, आवासन आयुक्त पी.के. गोयल व बोर्ड के सदस्य के रूप में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार लोगों की लगातार बढ़ती आय सीमा और न्यूनतम आय सीमा में अधिकतर लोगों के शामिल नहीं हो पाने के कारण हाउसिंग बोर्ड के मकानों की खरीद के लिए न्यूनतम वार्षिक आय बढ़ाने का अहम निर्णय किया गया। इस निर्णय के बाद कम आय वर्ग के मकानों के लिए भी बोर्ड को काफी आवेदन मिल सकेंगे।

बोर्ड की बैठक में स्व वित्तपोषित योजना (एसएफएस) में भी उन आवेदकों को फायदा पहुंचाया है, जिन्होंने आवेदन तो कर दिया लेकिन समय पर पैसा जमा नहीं कराने के कारण आवेदन निरस्त हो गए। कुछ शर्तोü के तहत इनके आवेदन पुनर्जीवित किए जा सकेंगे। शर्तोü के अनुसार इन आवेदकों की 30 प्रतिशत राशि मंडल में जमा होनी चाहिए। जिस मकान के लिए आवेदन किया है, वह किसी और के नाम नहीं हो व रिफंड भी नहीं लिया हो। इसके लिए 8 हजार रूपए फिर शुल्क लगेगा।

अनुकंपा नियुक्ति में बंदिश हटाई

बैठक में कर्मचारियों की भर्ती के नियमों को सरल करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर चर्चा की गई। अनुकंपा नियुक्ति के लिए अब छह माह में आवेदन करने की बंदिश को हटा दिया है तथा संबंधित को 18 साल का होने पर ही नियुक्ति दी जाएगी। नियुक्ति के सेवा नियमों का सरलीकरण तथा पदोन्नति के अवसर देने पर भी सहमति जताई गई।

कोटा व झालावाड़ में योजनाएं निरस्त

कोटा व झालावाड़ में प्रस्तावित आवास योजनाओं को भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया। बोर्ड की बैठक में करीब एक दर्जन मामलों पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रमुख एजेंडे पर नहीं हुई चर्चा

बैठक में मंडल की विभिन्न योजाओं में रियायती दर पर भूमि लेने वाली चिकित्सा व शिक्षा संस्थाओं पर अहम निर्णय लिया जाना प्रस्तावित था। इसमें तय किया जाना था कि जो संस्थाएं कारणवश अस्पताल व शिक्षा संस्थान नहीं चला पा रहीं है, वे अपने भवन को बेच सकेंगी तथा किराए पर दे सकेंगी। आवासन मंडल में वर्तमान में ऎसा कोई नियम नहीं है। इस एजेंडे पर चर्चा नहीं की गई।

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