जयपुर । केन्द्रीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 व नियम 2011 के विरोध में तीन दिवसीय बंद के पहले दिन शुक्रवार को राज्यभर में खाद्य व्यापारियों ने कारोबार बंद रखा। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर राज्य की 247 मंडियों, तेल और दाल मिलों में कारोबार पूर्णतया बंद रहा। संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि इससे राज्य में करीब 8000 करोड़ रूपए का कारोबार प्रभावित हुआ। जयपुर की सभी मंडियों, राजधानी मंडी, सूरजपोल मंडी, दीनानाथजी की गली के किराना व्यापारी, थोक चाय विक्रेताओं ने कारोबार बंद रखा। व्यापारियों ने 27 से 29 जनवरी तक कारोबार बंद रखने की घोष्ाणा की थी। राज्य की मंडियों में कारोबार नहीं हुआ। प्रदर्शन किए गए, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए।
ये हैं व्यापारियों की मांगें : अनाज मंडियों को लाइसेंस प्रक्रिया से बाहर रखा जाए, क्योंकि किसान मंडी जैसा माल लेकर आएगा, उसी रूप में उसे बेचने का प्रावधान कृçष्ा मंडी एक्ट में किया गया। लाइसेंस फीस 6 और 12 रूपए से बढ़ाकर 2000 से 7500 रूपए कर दी गई है। इसे कम किया जाए।
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