जयपुर। सर्दी बढ़ते ही घरों में रसोई गैस की खपत बढ़ गई, 30 दिन चलने वाला सिलेंडर 20-25 दिन में जवाब दे रहा है, मौके का फायदा उठा रही कंपनियां, गैस एजेंसियां और डिलीवरीमैन आम उपभोक्ता को चक्कर कटा रहे हैं और उनके हिस्से की रियायती घरेलू गैस धड़ल्ले से व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल हो रही है, लेकिन रसद विभाग न तो एजेंसियों पर कोई सख्ती कर रहा, न ही घरेलू सिलेंडरों के व्यवसायीकरण रोकने के उपाय कर रहा।
पिछले दिनों के आंकड़े उठाए जाएं तो पता चलेगा कि 5 जनवरी के बाद, जब से सर्दी और उसके साथ एलपीजी की खपत बढ़ी है, रसद विभाग ने एक भी एजेंसी की जांच नहीं की। हालांकि 5 जनवरी को दो-तीन गैस एजेंसियों पर छापे मारे गए और खामियां भी सामने आई, उसके बाद न किसी एजेंसी के डंपिंग प्वाइंट का जायजा लिया गया, न एजेंसियों के बैकलॉग की जांच की गई, न उनके रिकॉर्ड खंगाले गए, न उनकी सप्लाई चैक की गई और न ही यह जानने की कोशिश की गई कि आम उपभोक्ता को कितने दिन में गैस सिलेंडर मिल रहा है।
उपभोक्ता सप्ताह में उलझे इंस्पेक्टर
पहले दूध के सैंपल लेने में लगे रसद विभाग के प्रवर्तन इंस्पेक्टरों को 24 जनवरी से शुरू हुए उपभोक्ता सप्ताह में खपा दिया गया है। उन्हें राशन की दुकानों पर राशन सामग्री पहुंचाने व उसके वितरण की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इस दौरान एक भी गैस एजेंसी की जांच की जरूरत नहीं समझी गई। दुरूपयोग पकड़ा पर रोका नहीं पिछले डेढ़ दो महीने में रसद विभाग ने करीब 80 सिलेंडर ऎसी जगह पकड़े, जहां उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इन्हें जब्त किया और संबंधित कंपनी की एजेंसियों के हवाले किया गया, साथ ही इन सिलेंडरों का व्यावसायिक दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ मामले भी दर्ज कराए गए। इसके विरूद्ध एक भी मामले में रसद विभाग ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि व्यावसायिक स्थलों पर इन सिलेंडरों को कैसे पहुंचाया गया। &जिन एजेंसियों की शिकायतें मिली हैं, इनकी जांच करवाई जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यूडी खान, जिला रसद अधिकारी, जयपुर शहर
कब आएगी गैस की गाड़ी स्थान - मोहल्ला हांडीपुरा, जगन्नाथ शाह का रास्ता एचपीसी की खण्डेलवाल गैस और आईओसी की मणि गैस एजेंसी का डंपिंग प्वाइंट दोनों एजेंसियों के यहां लगने वाले डंपिंग प्वाइंट पर रोजाना सिलेंडर घर पहुंचाने की बजाय हाथों हाथ डिलीवरी होती है। कालाबाजारी भी होती है और रसूखदारों को फोन पर संतुष्ट किया भी जाता है। इसी जगह शुक्रवार को गाडियां पहुंचने में देर हो गई, जिससे उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर उनका इंतजार करते रहे।
ये हैं रसोई के हालात सांगानेर गैस एजेंसी कंज्यूमर नंबर 148456 लास्ट डिलीवरी 21 दिसंबर उपभोक्ता प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि उसके पास एक ही सिलेंडर है, जो 20 जनवरी को खाली हो गया। पिछले पांच दिन से उसे सिलेंडर नहीं मिला। अंबिका गैस कंज्यूमर नंबर 32098 लास्ट डिलीवरी 15 दिसंबर उपभोक्ता गोपाल सैनी ने बताया कि दो दिन पहले कहा था कि बुधवार को सिलेंडर देंगे। पर खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी के दफ्तर पहुंचे तो खाली हाथ लौटना पड़ा, एजेंसी वालों ने कहा कि अभी नंबर नहीं आया है।
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