जयपुर। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान भू-माफिया और जमीन संबंधी अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए जेडीए में विशेष थाना खोलने की घोषणा की। थाने में जेडीए से जुड़े तमाम फर्जीवाड़ों की एफआईआर और जांच होगी।
थाने के लिए पूरा प्लान तैयार कर सरकार को दिया गया था। इसमें गजट नोटिफिकेशन से लेकर नफरी और काम करने का तरीका भी तय कर लिया गया है। जेडीए की प्रवर्तन निदेशक मालिनी अग्रवाल ने बताया कि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो थाना कुछ ही माह में अस्तित्व में आ जाएगा।
थाने में ये होंगे तैनात - डीएसपी स्तर का अधिकारी होगा प्रभारी - चार इंस्पेक्टर - 20 सब इंस्पेक्टर - 20 एएसआई - 50 से अधिक हैडकांस्टेबल-कांस्टेबल
ये अपराध दर्ज होंगे जेडीए थाने में जेडीए की जमीन पर कब्जे, सोसायटी के फर्जी पट्टे जारी करने, दोहरे पट्टे जारी करने और बिना जमीन ही पट्टे जारी कर देने के मामले दर्ज होंगे। इससे जेडीए से जुड़े रिकॉर्ड से हाथों-हाथ मिलान कर अपराधियों पर लगाम कसी जा सकेगी।
पहले बंद हो चुके हैं थाने वर्ष 1992 में भी इसी मंशा के साथ जयपुर, कोटा और जोधपुर में स्पेशल थाने खोले गए थे पर गजट नोटिफिकेशन के अभाव में उनमें आने वाली शिकायतों के मामले संबधित थानों में ही दर्ज करने पड़ते थे।
ऎसे में वे लंबे समय तक नहीं चल पाए। जेडीए में स्थापित थाने में इस अवधि में ढाई सौ से ज्यादा मामले केवल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आए थे, जिन्हें दर्ज कर संबंधित इलाके के थानों में भेज दिया गया।
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