जयपुर। बीसलपुर के पानी से राहत तो मिली, लेकिन सफाई नहीं होने से डेढ़ महीने से लाइनों में जमा मिट्टी और सीडब्ल्यूआर में जमी गंदगी भी पानी के साथ घरों के नलों तक पहुंच गई। दो महीने पहले बीसलपुर लाइनें बंद हुई तो इनमें से मिट्टी निकालने और सीडब्ल्यूआर साफ करने की किसी ने सुध नहीं ली और सीधे पानी सप्लाई कर दिया।
मालवीय नगर सेक्टर-9 में 1995 में बनी 2000 किलोलीटर क्षमता की इस टंकी (सीडब्ल्यूआर) की सफाई आखिरी बार एक फरवरी, 2009 को हुई थी, जब यहां पहली बार बीसलपुर का पानी आया था। उसके बाद से यहां पानी आता रहा। डेढ़ महीने पहले बीसलपुर से पानी मिलना बंद हो गया था और एक सितंबर को फिर शुरू हो गया, लेकिन टंकी की सफाई के लिए जतन नहीं किए गए। इस समय बीसलपुर से आ रहे 30 एमएलडी पानी में से करीब 10 एमएलडी इसी टंकी में आता है। बाद में इसे मालवीय नगर सेक्टर-9, सेक्टर-2, ट्रांसपोर्ट नगर, घाटगेट इलाके में भेजा जाता है।
साल में एक बार तो होनी चाहिए सफाई नियमानुसार पानी की अन्य टंकियों की तरह इसकी भी साल में कम से कम एक बार सफाई होनी चाहिए। 16 जुलाई से एक सितंबर तक इसमें पानी नहीं था, क्योंकि तब बीसलपुर से पानी नहीं मिला था। इस दौरान सफाई करने का पूरा मौका था। अब दोबारा पानी आया तो टंकी को साफ किए बिना ही पानी डाल दिया और सप्लाई भी कर दिया।
टंकियों की सफाई एक साल में होनी चाहिए। इसकी सफाई क्यों नहीं हुई, मैं कह नहीं सकता। मैं यहां कुछ महीने पहले ही आया हूं। -आलोक नाग, एईएन, मालवीय नगर सेक्टर-9 चौकी
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