जयपुर। राज्य सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए अपनी मंशा जाहिर कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट के किसी काम में तय समय से देरी होती है तो संबंधित फर्म से प्रतिदिन एक लाख रूपए जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा तय समय दो साल से ज्यादा समय लगा तो हर सप्ताह टेंडर कॉस्ट का आधा प्रतिशत जुर्माने के रूप में लिया जाएगा। मेट्रो के लिए 20 अक्टूबर तक कंपनी चुन ली जाएगी और एक नवंबर से काम शुरू कर दिया जाएगा।
स्वायत्त शासन भवन में सोमवार को नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव जी.एस. संधु की अध्यक्षता में अजमेर रोड पर प्रस्तावित ऎलीवेटेड रोड और अन्य सिविल कार्योü के लिए टेंडर पर प्रस्तावकों के साथ हुई प्री-बिड बैठक में आई कंपनियों को अधिकारियों ने ये निर्देश दिए। बिड में 18 कंपनियों ने हिस्सा लिया। कंपनियों ने सी-1 व सी-2 की टेंडर तारीख को दो सप्ताह और प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि दो साल से अधिक करने की बात रखी। अधिकारियों ने टेंडर तारीख को तो 27 सितंबर तक कर दिया, लेकिन प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करने के समय में परिवर्तन से इनकार कर दिया।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने फर्म को गर्डर की कास्टिंग के समय चार मशीनें लाने के लिए भी पाबंद किया है। कंपनी चार मशीनें नहीं लाई तो सरकार प्रति मशीन डेढ़ करोड़ रूपए काट लेगी। संधु ने बताया कि फेज-1 को सी-1 व सी-2 में बांटा गया है। सी-1 के लिए 34 और सी-2 के लिए 28 टेंडर बिके हैं।
सी-1 प्रोजेक्ट मानसरोवर से अजमेर पुलिया व अजमेर पुलिया से चांदपोल तक है, जबकि सी-2 अजमेर पुलिया पर प्रस्तावित एलीवेटेड रोड है। अजमेर पुलिया पर एलीवेटेड रोड के लिए 240 और सी-1 के लिए 150 करोड़ रूपए अनुमानित लागत के टेंडर निकाले गए हैं। बैठक के बाद सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को मेट्रो के रूट पर घुमाया गया।
अब 10 किमी लंबा कॉरीडोर मेट्रो के प्रथम चरण में मानसरोवर से चांदपोल तक कॉरीडोर बनाया जाएगा। 800 मीटर लंबाई बढ़ने के बाद इसकी लंबाई 10 किमी से ज्यादा हो जाएगी। इसमें सिंधी कैंप से चांदपोल पर आधा किमी भूमिगत कॉरीडोर शामिल है। इसमें 8 एलीवेटेड और एक भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा।
जेएमआरसी ने भेजा पत्र अन्य शहरों की तर्ज पर जयपुर मेट्रो के काम आने वाले मैटेरियल को भी करमुक्त करने की तैयारी है। इस पर लगने वाला उत्पाद शुल्क, वैट, एंट्री टैक्स आदि नहीं लिए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जेएमआरसी) ने भी राज्य सरकार को पत्र भेजा है।
दिसावर डिपो के लिए घुमावदार ट्रैक मेट्रो के फेज-1 की लंबाई 800 मीटर बढ़ गई है। पहले दिसावर पर बनने वाले डिपो के लिए सीधा ट्रैक बिछाया जाना था, अब इसे घुमावदार कर दिया है। इस कारण यह लंबाई बढ़ी है। दिसावर पर बनने वाले डिपो और चांदपोल पर बनने वाले भूमिगत स्टेशन के लिए 15 सितंबर तक टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा मेट्रो के स्टेशन भी हैरिटेज होंगे।
भूमि अवाप्ति का काम जल्द शुरू होगा मेट्रो के लिए भूमि अवाप्ति का काम जल्द शुरू होगा। संधु ने बताया कि 91 प्रतिशत भूमि सरकारी है। शेष 9 प्रतिशत की अवाप्ति के लिए जेडीए को काम सौंपा गया है। तय किया जा रहा है कि आवासीय भूमि लेने पर आवासीय और दुकान या कॉमर्शियल जमीन के बदले उसी उद्देश्य की जमीन दी जाए।
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