जयपुर । शहर में बड़े सिलेंडरों से छोटों में रीफिलिंग का धंधा क्यों पनप रहा है और इसमें किसकी मिलीभगत है, इसका पटाक्षेप सोमवार को हो गया, जब विभाग की पुख्ता व गोपनीय सूचना "लीक" हो गई। गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ निकली रसद विभाग की टीम सही ठिकाने पर पहुंच तो गई, पर उससे पहले ही इस धंधे को अंजाम देने वाला फरार हो गया।
मामला प्रतापनगर के भामाशाह मार्ग का है, जहां सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के पास घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडर भरने के इस गोरख धंधे का समाचार डेली न्यूज ने 29 जनवरी, 2012 के अंक में प्रकाशित किया था। यहां रीफिलिंग का काम सोमवार को भी जारी था। इसकी सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के आने की सूचना रीफिलिंग करने वाले को मिल गई और वह पूरा तामझाम लेकर फरार हो गया। टीम सही ठिकाने पहुंची तो उसे मिट्टी व कचरे में सिलेंडर रखने के निशान मिले और साथ ही हवा में उड़ती गैस की बदबू। आखिरकार टीम यह सोचकर जगह का पता नोट कर खाली हाथ लौट गई कि फिर कभी देखा जाएगा।
दो पेट्रोल पंपों को नोटिस
रसद विभाग की टीम ने बांट माप विभाग के साथ सोमवार को दो पेट्रोल पंपों की जांच की और अनियमितताएं पाए जाने पर उनके संचालकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। टोंक रोड स्थित मैसर्स सर्राफ ब्रदर्स पर स्वीकृत भंडारण क्षमता से अधिक पेट्रोल मिला, जबकि स्वीकृत 8 नोजल के स्थान पर 20 नोजलों का संचालन पाया गया। मैसर्स टोंक रोड सर्विस सेंटर पर स्वीकृत 6 नोजल के स्थान पर 17 नोजल लगी मिलीं, साथ ही एक नोजल में लीकेज भी मिला यहां स्टॉक रजिस्टर व मूल्य सूची बोर्ड नहीं था।
40 घरेलू सिलेंडर पकड़े
घरेलू गैस के दुरूपयोग को रोकने के लिए रसद विभाग और आयल कंपनियों की संयुक्त टीम ने एम.आई. रोड, खजाने वालों का रास्ता, बाबा हरिश्चन्द्र मार्ग, चांदपोल, सिंधी कैम्प, पोलोविक्ट्री, पंचायती धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, थड़ी मार्केट, मानसरोवर, सांगानेर, प्रताप नगर व सीतापुरा क्षेत्र में छापे मारे। यहां से टीम ने आईओसी के 22, बीपीसी के 11 व एचपीसी के 7 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए।
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