जयपुर । चोर मालवीय नगर ओवरब्रिज के नीचे बने पीकॉक गार्डन से धातु से बने मोर चुरा ले गए। एक राहगीर ने चोरों को मोर खोलते हुए देखा तो उसने गश्ती पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तब तक चोर एक मोर ले जाने में कामयाब हो गए, जबकि दूसरे को पास वाले गार्डन में पटक गए।
मालवीय नगर ओवरब्रिज के नीचे बनी मयूर वाटिका में विभिन्न स्थानों पर सुन्दरता के लिए जेडीए ने धातु से बने आर्टिफिशियल मोर लगवाए थे। चोरों ने शुक्रवार देर रात पीकॉक गार्डन से दो मोर खोल लिए। राहगीर की सूचना पर गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची तब तक चोर एक मोर ले जाने में कामयाब हो गए, जबकि दूसरे को समीप ही पटक गए। इस संबंध में गार्ड सुरेंद्र व मुकेश ने थाने में मामला दर्ज कराया है।
दो गार्ड, फिर भी मोर पार
मोरों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीकॉक गार्डन में रात की शिफ्ट में दो गार्ड लगे हुए हैं। बरसात होने की वजह से गार्ड पुल के नीचे जा खड़े हुए। इसी दौरान चोरों ने मोरों पर हाथ साफ कर दिया। चोरों को मोर खोलने में काफी समय लगा होगा, लेकिन गार्डोü को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पहले भी ले जा चुके मोर
पीकॉक गार्डन से मोर चोरी की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी यहां से मोर चोरी हो चुके हैं। एक मोर की कीमत 25 हजार रूपए बताई जा रही है।
जल्द हो सकता है खुलासा
पुलिस को घटनास्थल से ठोस सबूत मिले हैं। अनुमान है कि चोर जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। टीम चोरों की तलाश में रवाना हो गई।
...तो नहीं होती चोरी
चोरों को चौराहों पर लगी मूर्तियां खासी रास आ रही है। गुलाबी नगर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चौराहे पर अष्ट धातु की मूर्तियां लगाई गई थीं। चोर बजाज नगर, रामबाग सर्किल पर लगी मूर्तियां भी ले जाने में कामयाब हो गए, जबकि वहां भी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं। ऎसे में जेडीए ने इन मूर्तियों को अलार्म सिस्टम से जोड़ा है, ताकि वारदात करते ही अलार्म बज जाए। यदि पिकॉक गार्डन मेंं लगे मोरों को भी अलार्म सिस्टम से जोड़ा गया होता तो ये बच सकते थे।
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