नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के मुंबई दंगे से संबंधित मामले में महाराष्ट्र सरकार की अपील खारिज करते हुए पुलिस फायरिंग में छह लोगों की मौत की जांच जारी रखने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को हरी झंडी दे दी। जस्टिस पी सदाशिवम और एआर दवे की खंडपीठ ने बम्बई हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सीबीआई को जांच कार्य जारी रखने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को छह माह के भीतर जांच कार्य पूरा करने का आदेश भी दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की सीबीआई जांच के बम्बई हाई कोर्ट के 2008 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके अमल पर इसने गत वर्ष सितम्बर में रोक लगा दी थी। पुलिस ने अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाने की घटना के परिणामस्वरूप मुंबई में हुए दंगे के दौरान पुलिस ने हरि मस्जिद इलाके में आगजनी और लूट में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाई थी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए थे।
|
|
|
|
|
|
|