नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने महंगाई के मुद्दे को लेकर गुरूवार को तीसरे दिन भी संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी। भाजपा ने महंगाई के विरोध में दस करोड़ लोगों के हस्ताक्षरवाला एक ज्ञापन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील को सौंपा, जिसमें उनसे मूल्य वृद्धि पर तत्काल नियंत्रण के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।
दूसरी ओर वामपंथी पार्टियों के सांसदों ने आवश्यक वस्तुओं की मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में संसद के मुख्य द्वार पर धरना दिया और सरकार से पेट्रोलियम पदार्थो के दामों में बढ़ोतरी की तत्काल वापस लेने की मांग की। लोकसभा में इस मुद्दे पर भाजपा, सपा, जदयू, राजद और बीजद समेत सभी पार्टियों ने पूरी एक जुटता प्रदर्शित की। भाजपा द्वारा राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार पिछले एक वर्ष से महंगाई रोकने के वायदे किए जा रही है लेकिन वास्तव में कुछ नहीं हो रहा है।
एक ओर गरीब जनता भूख से परेशान है तो दूसरी ओर भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में 58 हजार करोड़ रूपए का खाद्यान सड़ रहा है। राष्ट्रपति से मिलने गए भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह शामिल थे।
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