नई दिल्ली । केंद्र सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेरने के लिए मतदान वाले नियमों के तहत चर्चा की मांग को लेकर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जबरदस्त एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया और मानसून सत्र के दूसरे दिन न तो लोकसभा और न ही राज्यसभा चलने दी। विपक्ष के इस रूख को देखते हुए बुधवार को भी संसद में हंगामा होने के पूरे आसार हैं। विपक्ष जहां लोकसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत वहीं राज्यसभा में नियम 168 के अधीन बहस कराने की मांग को लेकर अड़ा हुआ है वहीं सरकार इन नियमों के अधीन चर्चा से कतरा रही है।
लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि विपक्ष की ओर से दिए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव पर तत्काल चर्चा कराई जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई पर लोगों के "दर्द" को समझते हुए विपक्ष इस मुद्दे पर तत्काल बहस चाहता है। सुषमा ने कहा कि मिट्टी के तेल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि की वजह से आज गृहणियां और समाज के अन्य लोग परेशान हैं। हमने महंगाई के विरोध में कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है। इस पर तत्काल चर्चा कराई जाए। पूरा विपक्ष लोगों के इसी दर्द को लेकर बहस चाहता है।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बार-बार सदस्यों से शांत होने की अपील की। परंतु हंगामा नहीं थमा। दिनभर में दो बार स्थगन के बाद उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार के पास यदि पर्याप्त संख्याबल है तो वह इन नियमों के अधीन चर्चा करने से क्यों कतरा रही है।
राज्यसभा में भी विपक्ष का बवाल
राज्यसभा में भी हंगामे की कमोबेश यही स्थिति रही। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और उसके बाद बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी महंगाई के मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट दिखा। समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों ने भी जमकर हंगामा किया।
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