न्यूयॉर्क सिटी के साथ ही चार अन्य शहर मिलकर न्यूयॉर्क राज्य बनता है। इसमें ब्रोक्स, ब्रुकलीन, मैनहट्टन, क्वींस एवं स्टेटन द्वीप शामिल हैं। 84 लाख से अधिक की आबादी के साथ यह अमेरिका का सबसे बड़ा व घनी आबादी का शहर है। मेनहट्टन का बाजार न्यूयॉर्क शहर की जान है। टाइम स्`ायर रात की रंगीन चुनरी पहनकर हर सैलानी को रिझाता है। बाजार के चारों ओर ऊंची-ऊंची इमारतों में लगे विज्ञापन जब रोशनी से जगमग होते हैं तब एक शानदार नजारा उभरता है। बाजार के बीच बने पैवेलियन में बैठे पर्यटक इस मंजर को कैमरों में कैद करते हैं वहीं कुछ पर्यटक चाय-कॉफी का आनंद लेते दिखाई पड़ते हैं।
राजस्थान एसोसिएशन ऑव नॉर्थ अमेरिका "राना" के निमंत्रण पर हाल ही न्यूयॉर्क जाने का अवसर मिला। नई दिल्ली से 12 हजार 375 किलोमीटर लम्बी, थका देने वाली यात्रा के लिए 30 जून की मध्य रात्रि सवा एक बजे न्यूयॉर्क रवाना हुए। रवानगी के समय एक बारगी मन शंकित हो उठा। लगातार 15 घण्टे, बिना रूके, हवा में तैरते रहने का रोमांच था तो डर भी। विमान 9 हजार 400 मीटर की ऊंचाई पर लगभग एक हजार किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से आसमान का सीना चीरते आगे बढ़ रहा था। समय तेजी से दौड़ता है पर अमेरिका भारत से दस घण्टे पीछे चलता है। सूरज की मद्धम रोशनी से चमकते हडसन नदी के किनारे बसा यह रंगीन शहर मानों बाहें फैलाकर स्वागत कर रहा हो। न्यूयॉर्क सिटी के साथ ही चार अन्य शहर मिलकर न्यूयॉर्क राज्य बनता है। इसमें ब्रोक्स, ब्रुकलीन, मैनहट्टन, क्वींस एवं स्टेटन द्वीप शामिल हैं। 84 लाख से अधिक की आबादी के साथ यह अमेरिका का सबसे बड़ा व घनी आबादी का शहर है।
केनेडी एअरपोर्ट इतना विशाल है कि यहां एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक जाने के लिए ट्रेन भी हाजिर है। लगभग 35 मील दूर मेलविल नामक स्थान पर होटल हिल्टन में राजस्थानी सम्मेलन हर तीन साल में आयोजित किया जाता है। मेलविल, जहां कुछ राजस्थानी लोगों ने अपने उद्योग भी स्थापित किए हुए हैं। यहां बड़े-ऊंचे भवन कम ही दिखाई पड़ते हैं। पूरा दिन अप्रवासी राजस्थानियों में मेल-मिलाप और पन्द्रह घंटे की हवाई यात्रा की थकान को दूर करने के लिए होटल मेें सुस्ताने में ही बीत गया। ऎतिहासिक हडसन नदी पर डबल डेकर क्रूज की यात्रा से पूरे न्यूयॉर्क शहर के सौन्दर्य को साक्षात देखने का यह शानदार अवसर था। एक के बाद ऎतिहासिक स्थल और आधुनिक ईमारतों को देखकर मन रोमांच से भर उठता है।
क्रूज से सन् 1931 में बनी दुनिया की सबसे ऊंची एम्पायर स्टेट बिçल्ंडग, सन् 1861 से 1883 के बीच निर्मित विहंगम ब्रुकलिन ब्रिज, वल्र्ड ट्रेड सेन्टर, ट्विन टावर का वह स्थल जो 9/11 के आतंकी हमले में ध्वस्त हुआ था, को देखकर जहां अद्भुत अनुभव हुआ वहीं जीरो ग्राउंड के सन्नाटे को चीरती दर्द भरी प्रतिध्वनियां कानों में गूंजने लगी। कुछ पल मन खिन्न हुआ पर ऎतिहासिक गवर्नर्स आईलैण्ड के वैभव को देख कर हुए जब एंकर ने उसकी जानकारी दी तो एक बार सभी यात्रियों का मन भटककर अतीत के उस जंगल में जा पहुंचा जहां इतिहास के पन्ने आंखों के सामने पलटते दिखाई देने लगे।
अब इस यात्रा का सबसे यादगार और पर्यटन के रोमांच से भर देने वाला क्षण आने वाला था। लोगों की निगाहें दूर दृढ़ता से खड़ी स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर टिक गई थी। नीले खुले आसमान के नीचे गगन चुम्बी इमारतों को देखने के बाद 300 फीट ऊंची, गणतंत्र और स्वतंत्रता की प्रतीक इस विशाल मूर्ति को देखकर मन खुशी से झूम उठा। एलिस आईलैण्ड में स्थापित यह मूर्ति अमेरिका की खास पहचान है। अमेरिका क्रांति के दौरान फ्रांस से हुई दोस्ती की प्रतीक यह मूर्ति 28 अक्टूबर सन् 1886 को भारी जनसमूूह के बीच राष्ट्र को समर्पित की गई थी। आज यह विश्व धरोहर बन चुकी है।
जहाज मैनहट्टन की रंगीनियत से रूबरू होते हुए जब संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के पास से गुजर रहा था तब सैकड़ों आंखें उस भव्य इमारत पर जा टिकीं। सड़कों पर तेज गति से दौड़ते वाहनों की रेलमपेल, आसमान छूती इमारतों के बीच दुनिया भर से देशाटन पर आए पैदल चलते पर्यटकों की यह एक अलग ही दुनिया थी। न्यूयॉर्क से रात्रि को करीब साढ़े आठ बजे सूरज डूबता है।
सयुंक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय यहीं है। कला, नृत्य, संगीत, ओपेरा, थियेटर, फिल्म व टेलीविजन, फैशन और विहंगम संग्रहालयों की श्रृखंला इस शहर की दुनिया में खास पहचान बनाते है। यह अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा फिल्म निर्माण का केन्द्र है। न्यूयॉर्क के सांस्कृतिक वैभव की गहराई इसी से नापी जा सकती है कि शहर में दो हजार से अधिक कला-सांस्कृतिक संस्थाएं, 500 से ज्यादा कला दीर्घाएं हैं। न्यूयॉर्क सिटी थिएटर भी आलीशान है। कमाल देखिए कि मीडिया और म्यूजिक यहां की जिंदगी का खास हिस्सा बन गए हैं। टाइम वार्नर, थॉमसन रॉयटर्स, द न्यूज ग्रुप, मीडिया गु्रप के कार्यालयों के साथ ही 200 से अधिक अखबार, 350 उपभोक्ता पत्रिकाओं के कार्यालय यहां स्थापित हैं, पुस्तक प्रकाशन से लगभग 25 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। संगीत के क्षेत्र में यूनिवर्सल म्यूजिम ग्रुप, सोनी म्यूजिक एन्टरटेनमेन्ट, वार्नर म्यूजिक गु्रप की वजह से संगीत का बडा केन्द्र बन गया है ये शहर।
न्यूयॉर्क की चकाचौंध से इतर एक मिनी राजस्थान का अक्स आंखो के आगे घूमने लगा। तीसरे अन्तरराष्ट्रीय राजस्थान सम्मेलन का आगाज हुआ। यह शाम पूरी तरह राजस्थान एवं राजस्थानियों के नाम रही। रात्रि भोजन के समय राजस्थानी परिवारों से राजस्थानी भाष्ाा में चर्चा अपनेपन का अहसास दिला रही थी। कब, कैसे, किस हाल में ये अप्रवासी न्यूयॉर्क आए और आज वे इस शहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। तीन दिन तक लघु राजस्थान और न्यूयॉर्क की वादियों में घूमता मन बिछोह की पीड़ा से व्यथित था वहीं घर लौटने की खुशी भी थी। लोग विदा हो रहे थे। छह जुलाई का दिन वापस अपने वतन लौटने के सुख से भरा हुआ था। दुनिया के सबसे बडे शहर की यादें जेहन में छप सी गई थीं।
प्रभात गोस्वामी
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