नायिकाओं के जीवन के पन्ने खोलना जितना मुश्किल है, उससे ज्यादा मुश्किल है उनके शब्दों को पढ़ना। लेकिन उन नायिकाओं में सोनम कपूर एक ऎसा नाम है, जो अपने सच के पन्ने को स्वयं खोलती और उसका बयान करती हैं। इन दिनों वो अपनी नई फिल्म प्लेयर्स को लेकर सुर्खियों में हैं। यह नए साल में प्रदर्शित होने वाली पहली फिल्म होगी। इतना ही नहीं प्लेयर्स में सोनम का रोल भी बेहद ग्लैमरस है। हाल ही एक खास मुलाकात में फिल्म के अलावा और कई मुद्दों पर बातचीत हुई..
पहले से भी ज्यादा फिट हो गई हैं, क्या करती हैं अपने फिगर को परफेक्ट करने के लिए? मेरी बॉडी इमेज हैल्दी है और मैं इससे खुश भी हूं। मैं बाकी लड़कियों की तरह पतली होना चाहती भी नहीं हूं। मैं नॉर्मल लड़की हूं। व्यायाम करती हूं और जंकफूड से दूर रहती हूं। बस यही है मेरे परफेक्ट फिगर का राज।
खाली समय में क्या करना पसंद करती हैं? अपने तीन कुत्तों के साथ खेलती हूं और उन तीनों को हमने रोड से उठाकर पाला है। मैं टीवी देखती हूं। अपनी नानी और दादी से मिलती हूं। मुझे लगता है उनके साथ वक्त बिताना बहुत जरूरी है। रिश्तेदारों से और दोस्तों से मिलती हूं। मुझे ट्रैवल करना भी पसंद है।
जब आप स्टार नहीं थीं... उस वक्त और अब में क्या फर्क है? मुम्बई के कपूर हॉस्पिटल की पाव भाजी बहुत याद आती है। फिर मैं जहां-जहां शॉपिंग करने जाती थी, अब वहां नहीं जा पाती हूं और अगर जाती हूं, तो दाम इतना बढ़ाकर बोलते हैं कि क्या कहूं।
फिल्मों में आपको ज्यादा डांस करते हुए नहीं देखा जाता है, ऎसा क्यों? मुझे डांस करना बहुत पसंद है, लेकिन पता नहीं क्यों मुझसे डांस ही नहीं करवाते हैं। लोग फिल्मों में सब आर्टिस्टिक रोल दे देते हैं, लेकिन प्लेयर्स में मुझे डांस करने का मौका मिला है।
इस फिल्म में आपका किरदार बाकीफिल्मों से अलग है, क्या लगता है इससे आपकी इमेज बदल पाएगी? बेशक मेरा किरदार अलग है, लेकिन इससे इमेज बदल जाएगी, ऎसा नहीं कह सकते। फिल्मों के साथ-साथ आपके किरदार बदलते हैं न कि इमेज। वैसे भी मेरी शुरूआत से ही थोड़ी इंडियन इमेज रही है और मुझे नहीं लगता अब वो बदलेगी।
"प्लेयर्स" में अपने किरदार के बारे में कुछ बताइए? मैं फिल्म में नैना ब्रिगेंजा का किरदार निभा रही हूं। स्टाइलिश, बिंदास है और बुरी भी है। चोर है, लेकिन चोरी दूसरे चोरों को पकड़ने के लिए करती है। कम्प्यूटर हैकर है, लेकिन जो भी करती है कानून के दायरे में रहकर करती है। मेरा लुक ग्लैमरस है इसमें और मैंने अपनी बहन को पहले बोल दिया था कि मुझे हॉट लगना है, मगर बिना बिना कम कपडे के... क्योंकि मैं कम्फर्टेबल महसूस नहीं कर पाती और मेरा फिगर भी वैसा नहीं है।
आपके पिता कभी सलाह देते हैं, किसी प्रकार की चिंता जताते हैं आपके लुक को लेकर? जी नहीं, पापा तो मुझे बोलते हैं कि इतनी अच्छी दिखती हो, तो थोड़ा अपने आपको उस प्रकार से दिखाओ और उस चीज का फायदा उठाओ। मुझे थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन पापा बोलते हैं ज्यादा आर्टिस्टिक बनने की जरूरत नहीं है। वो हर तरह की फिल्म कर लेते हैं, तो मैं भी उनके नक्शेकदम पर चलना चाहती हंू।
सोनम, आपने भी अब तक विभिन्न किरदार निभाए हैं, किस प्रकार से खुद को उसमें ढालती हैं? ये चीज मैंने श्रीदेवी (ताईजी)और जीनत अमान से सीखी। वो दो ऎसी कलाकार हैं, जो खुद को किस प्रकार से किरदार में ढालना है बखूबी जानती थीं। किसी भी किरदार को निभाने के लिए उसमें घुसना पड़ता है।
श्रीदेवी से कभी कोई सलाह ली आपने? जब मैं पहली बार एक्टिंग करने वाली थी, उससे पहले ही श्री (देवी) चाची ने मुझे बहुत-सी सलाह दी थीं। एक्टिंग, लुक, मेकअप सब चीज के बारे में। उन्होंने एक और बात समझाई थी कि सेट पर कई बार थोड़ी तकलीफ आती है और अगर उस वक्त तुम्हारी इच्छा पूरी हुई, तो ठीक और न हुई, तो शिकायत मत करना। जितना है उसमें खुश रहना। उनकी सलाह को हमेशा याद रखती हूं।
प्लेयर्स में आपने खुद अपने स्टंट्स किए हैं, सबसे मुश्किल क्या रहा? मैंने इस फिल्म में बहुत अलग-अलग स्टंट्स किए हैं। किलिंग, पंचिंग, तेज गाडियां चलाई हैं, बहुत कुछ किया है इस फिल्म में। सबसे मुश्किल स्टंट मेरे लिए फिल्म में आठ इंच की हील पहनकर डांस करना था। मैं चैलेंज करती हूं कि अगर कोई इसे करके दिखा दे।
अपनी रियल लाइफ में किस तरह की प्लेयर हैं आप? मैं इम्पलसिव हूं, जो मन में आया, वो कर देती हूं या बोल देती हूं। बहुत से लोग मुझे इसी बात के लिए पसंद भी करते हैं। ये अच्छा भी है और बुरा भी, लेकिन मैं इसे पॉजिटिव अंदाज में लेती हूं। सब जानते हैं मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगी और जो दिमाग में है वो सामने आ जाएगा। मैं खुद से और अपनी लाइफ से बहुत खुश हूं और इसे बदलना भी नहीं चाहूंगी। मुझे बनावटी बनना पसंद नहीं है। अगर आप किसी को पसंद नहीं करते हैं, तो वो आपकी मर्जी है।
जिंदगी के खेल में आपके लिए जीत-हार के क्या मायने हैं? हम अक्सर लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि अगर खेल में जीते नहीं, तो उस खेल का क्या मतलब। मैं ऎसा नहीं मानती हूं, मेरे हिसाब से मंजिल से ज्यादा उसका रास्ता मायने रखता है। आपने अपनी जिंदगी में कैसा काम किया है वो ज्यादा जरूरी है। मैंने जिंदगी से एक चीज सीखी है, बस मेहनत से अपना काम करते रहना चाहिए इंसान को।
अभिनेत्रियों में आप किसको अपना आदर्श मानती हैं? नूतन, वहीदा रहमान, श्रीदेवी और काजोल को मैं अपना आदर्श मानती हूं।
फिल्म इंडस्ट्री में किनको अपना दोस्त मानती हैं? आप मुझे ज्यादातर निर्देशकों के साथ दोस्ती करते हुए देखेंगे। शायद मैं बेहद मतलबी हूं, पर मेरे हिसाब से निर्देशक ही होते हैं, जो फिल्म बनाते हैं और उनके साथ दोस्ती करना जरूरी है।
-मीनल आनंद
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