धारावाहिक कहानी घर-घर की में साशा का निगेटिव किरदार निभाकर चेतन हंसराज ने घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। इसके अलावा दर्शकों ने उन्हें कुसुम, कैसा यह प्यार है, विरूद्ध, पृथ्वीराज चौहान धारावाहिकों में भी देखा। उन्होंने कई फिल्मों में भी शानदार अभिनय करके वाहवाही लूटी है। एक लंबे अरसे बाद वो फिर छोटे परदे की ओर मुखातिब हुए हैं। जी हां, चेतन इन दिनों सहारा वन चैनल के सशक्त धार्मिक सीरियल माता की चौकी में बली का किरदार अदा कर रहे हैं। पेश है चेतन हंसराज से माता की चौकी के रोल के बारे में हुई बातचीत के कुछ अंश... आपकी नजर में माता की चौकी किस तरह का सीरियल है और आप इसमें क्या कर रहे हैं? यह पूरी तरह से धार्मिक सीरियल है, जो दर्शकों के मन में आध्यात्मिक और नैतिकता की शक्ति के प्रति विश्वास जगाता है। कहा जाता है कि सभी बुराइयों का अंत अच्छाई में होता है। यह सीरियल इसका एक उदाहरण है। मै इसमें बली का किरदार निभा रहा हूं। असल में बली उसकर असली नाम नहीं है। वह तो उज्जैन का रहने वाला रूद्रवर्द्घन है, जो अपनी पत्नी राधा को धोखा देकर बली बन जाता है। आपने अभिनय के क्षेत्र में एक लम्बा सफर तय किया है, पीछे मुड़कर देखते हैं, तो कैसा लगता है? मेरा बतौर कलाकार अब तक का सफर बड़ा दमदार रहा है। बीच में कई उतार-चढ़ाव भी आए, पर मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैंने अब तक जितने भी सीरियल किए हैं सभी में मैंने अपना हंड्रेड परसेंट दिया है। सच कहूं, तो मुझे सहारा वन चैनल के सीरियल "माता की चौकी" में अभिनय करके जो आनंद आ रहा है, उसे मैं बयां नहीं कर सकता। मेरे साथ साक्षी की भूमिका कर रही मुस्कान अरोड़ा हैं, जो इसी सीरियल के कारण घर-घर में खासा लोकप्रिय हैं। "माता की चौकी" में हम दोनाें पति-पत्नी बने हैं। क्या इस शो से जुड़ने से पहले आप इसे देखते थे? हां, मैंने "माता की चौकी" के कई एपीसोड देखे हैं। मुझे इसमें सभी पात्र पसंद हैं। इसकी कहानी में आए कई ट्रैक इतने बढिया हैं कि उन्हें बार-बार देखने का मन करता है। मैं भी इस सीरियल का एक अहम किरदार हूं। अपने किरदार के साथ कितना न्याय किया है? मैं जब इस सीरियल में आया, तो मुझे लगा कि दर्शक मुझे इस किरदार में पसंद करेंगे या नहीं, पर जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती गई मुझे महसूस होने लगा कि दर्शक मुझे बली के किरदार में भी पसंद करते हैं। मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे इस अहम किरदार को निभाने का अवसर मिला है। एक एक्टर के रूप में आप खुद को कहां पाते हैं? अभी तक जो भी अवसर मिले हैं, ईश्वर की कृपा से उनमें सबकी उम्मीदों पर खरा उतरा हूं। मैं यही कहूंगा कि एक्टिंग एक अच्छा प्रोफेशन है। इस प्रोफेशन की सबसे खास बात यह है कि आप दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। मैं आज जिस मुकाम पर हूं, उसमेंं मुझे पूरी तरह से संतुष्टि है। माता की चौकी में पसंदीदा को-स्टार कौन है? नि:संदेह मुस्कान अरोड़ा। इससे पहले उन्होंने वैष्णवी की भूमिका निभायी थी और अब वो साक्षी का किरदार निभा रही हैं। बड़ी मेहनती, समय की पाबंद और सबसे अच्छा व्यवहार करने वाली कलाकार हैं। भविष्य की क्या योजनाएं हैं? मेरी यह इच्छा है कि मैं जो भी करूं बस उसमें क्वालिटी हो। उम्मीद करता हूं कि मुझे माता की चौकी जैसे धारावाहिक आगे भी मिलते रहेंगे। बाकी दर्शकों का जो प्यार मिला है उसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। -डी.पॉल
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