इन दिनों सोनू निगम का नया लुक लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बड़े-बड़े घुंघराले बाल... हल्की -सी दाढ़ी में वो गजब ढा रहे हैं। यह खास लुक उन्होंने स्टार प्लस के रिएलिटी शो "छोटे उस्ताद : दो दशों की एक आवाज" के लिए गढ़ा है। इसमें वे जज की भूमिका निभा रहे हैं। शो के दूसरे जज हैं पाकिस्तान के जाने-माने संगीतकार राहत फतह अली खान। 24 जुलाई से शुरू हुए इस शो में भारत और पाकिस्तान के नन्हे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। 26/11 के हमले के बाद भारतीय टेलीविजन पर प्रसारित होने वाला यह पहला शो है, जिसमें पाकिस्तानी कलाकार शिरकत कर रहे हैं... इस बारे में एफएम संवाददाता ने जब सोनू निगम से पूछा, तो उन्होंने इस शो से जुड़ी बहुत-सी बातें शेयर की, साथ ही अपने नए लुक के बारे में भी बताया... छोटे परदे से लम्बी दूरी... छोटे परदे पर मैंने बहुत काम किया है, लोगों के बीच पहचान मुझे इसके द्वारा ही मिली। मगर पिछले दो सालों से मुझे जिस तरह के शो ऑफर हो रहे थे वह मुझे पसंद नहीं आ रहे थे। कोई कंसेप्ट सही नहीं लगता, तो किसी से मतभेद की गुंजाइश रहती। जब मैंने इंडियन आइडियल सीजन-2 किया, उस समय जजों के बीच किसी तरह की मॉक फाइट नहीं होती थी। आज सब कुछ एकदम अलग हैं। छोटे उस्ताद सीजन-2 की खासियत... सबसे खास बात यह है कि इस शो में भारत और पाकिस्तान के होनहार बच्चे एक-दूसरे से कॉम्पटिशन नहीं करेंगे। इसमें हर टीम में दो सिंगर हैं, जिनमें एक भारतीय है और एक पाकिस्तानी। यही शो की खासियत है। इससे रिश्ते सुधर पाएंगे... व्यक्तिगत तौर पर मेरा मानना है कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं, वह ऎसे माहौल का निर्माण कर सकते हैं, जिससे अगली पीढ़ी वर्तमान परिदृश्य से हटकर सोचे तभी आतंकवाद से जुड़ी समस्याओं से निजात मिल पाएगी, ताकि भविष्य में मेरा बेटा मुझसे यह ना पूछे कि पापा दो देश हमेशा आतंकवादी घटनाओं के बारे में ही क्यों बात करते हैं। इस शो से माहौल बदलने में जरूर मदद मिलेगी। दो भाई: एक अमीर, एक गरीब मेरा, गजेंद्रजी (प्रोड्यूसर गजेन्द्र सिंह) और राहतजी का एक ही मकसद है कि इस शो के जरिए हम संगीत की सेवा कर सकें और लोगों को हमारा काम पसंद आए। कुछ साल पहले जब मैं कराची में परफॉर्म कर रहा था, उसी समय वहां बम ब्लास्ट हो गया, इससे मैं और मेरा परिवार पूरी तरह शॉक्ड था। इस हादसे के बाद मुझे नॉर्मल होने में समय लगा। मैं मानता हूं कि भारत और पाकिस्तान दो भाइयों की तरह हैं, जहां एक अमीर है, तो दूसरा गरीब। संगीत और फिल्म की दुनिया में पाकिस्तान की अपेक्षा भारत बहुत अमीर है। पाक में भारतीय संगीत ही अधिक सुना जाता है और हर कोई भारतीय फिल्में ही देखता है। इसकी अपनी फिल्म इंडस्ट्री बहुत प्रसिद्ध भी नहीं है, इसलिए हमें उनकी संस्कृति को बढ़ाने में मदद करनी चाहिए। रिएलिटी शो बच्चों के लिए सही हैं भारत में गजब प्रणाली है, जहां हम पहले इंजीनियर, डॉक्टर की डिग्री या कोई और प्रोफेशनल कोर्स करते हैं, गायन तो इसके बाद शुरू करते हैं। मेरा अपना विश्वास है कि संगीत के क्षेत्र में आने के लिए आपको बचपन से ही विधिवत शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। आपको एक दक्ष गुरू की आवश्यकता होती है, जिसकी संगत में आप अपनी कला को निखार सकें। पाक गायक पैसा कमाने आते हैं... मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता, किसी की रोजी-रोटी छीनने का मुझे कोई अधिकार नहीं है। टैलेंट की कमी होने पर भी अगर भारत में पैसा कमाना उनकी किस्मत में लिखा है, तो यह उनका लक है। हर किसी की जिंदगी का अलग मुकाम है और हमें अपने रास्ते खुद ही बनाने होते हैं। टि्वटर अकाउंट डिलीट कर दिया... मैंने टि्वटर अकाउंट को हमेशा के लिए डिलीट नहीं किया है। मैं इसका इस्तेमाल संगीत की वर्कशॉप के लिए और अपने गायक साथियों से कॉन्टेक्ट करने के लिए करूंगा। मुझे हर काम सही तरीके से करना अच्छा लगता है। मैं टि्वटर पर आया,क्योंकि उस समय इच्छा थी कि कुछ अलग करूं। मैं बहुत खुश भी था कि अब अगर मेरे बारे में कोई कुछ लिखता है, तो इसके जरिए मैं गलत बातों का खंडन कर सकता हूं। मैंने ऎसा ही किया और मेरा तरीका भी एकदम सही था फिर भी टि्वटर मेरे लिए डेजरस टूल बन गया। फेसबुक पर आपके पास चॉइस होती है, जो टि्वटर पर नहीं है। फेस बुक के साथ मैंने अपनी लाइफ में एक और बदलाव किया है। माइकल जैक्सन की मौत के बाद मैंने अपने फैंस की मदद से उन पर पूरा गाना तैयार किया है। खुद की ग्रूमिंग के लिए... ईमानदारी से कह रहा हूं, भले ही आप मुझे नए लुक में देख रहे हैं, लेकिन गू्रमिंग के लिए मैं ज्यादा समय नहीं निकाल पाता। फ्रैंकली, एकमात्र बदलाव यह लम्बे बालों का है और इसके लिए मुझे ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती। रियाज में मेरा बहुत वक्त लग जाता है। फिल्मों के लिए कम गायन... जब मैंने यह अनाउंस किया कि अब मैं कम काम हाथ में लूंगा, इसका मतलब यह कतई नहीं था कि मैं अच्छे कम्पोजर्स के साथ काम नहीं करूंगा। जैसे ही मैंने कम काम करना शुरू किया, तो उन्होंने मुझसे गवाना ही बंद कर दिया। शंकर अहसान लॉय के साथ मैंने पिछले 4 साल से नहीं गाया है। पिछले दो साल से प्रीतम के साथ काम नहीं किया और विशाल-शेखर के लिए पिछली बार ओम शांति ओम में गाया था। मैंने महसूस किया है कि जब आप विशिष्ट होते हैं, तो अच्छे कम्पोजर्स आपका सम्मान करते हैं और अच्छे कम्पोजिशन के साथ आपके पास आते हैं, लेकिन ऎसे कम्पोजर्स कभी मेरे पास नहीं आए। यह दुख की बात है। मैंने एआर रहमान और सलीम मर्चेट के साथ काम किया है। अच्छे कम्पोजर्स को मैंने कभी नहीं लौटाया। हां, मैं बी ग्रेड गाने नहीं गाना चाहता। आलोचकों का डर... मैं नहीं मानता कि यह सच है। जब लोग आलोचना करते हैं, तो उन्हें इसे स्वीकार करने का माद्दा भी रखना चाहिए। मैंने केवल अपना मत रखना चाहा है, क्योंकि मैं मानता हूं कि यह सही नहीं है। फिर भी अगर कोई कुछ कहना चाहता है, तो उसे कहने देना चाहिए, यही उनका काम है। मेरा प्रोफेशन इससे इतर है। नया एलबम मैं फेमस तबला बादक बिक्रम घोष के साथ एक इंटरनेशनल एलबम पर काम कर रहा हूं। यह हिंदी और अंगे्रजी दोनों भाषाओं में होगा, साथ ही यूएस की फिल्मों में अपना म्यूजिक देने की भी मेरी बहुत इच्छा है। -गरिमा सिंह
|
|
|
|
|
|
|