ये वे लोग हैं, जो आपका मनोरंजन करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ये वे लोग हैं, जो जब आप अपने ड्राईग रूम में पॉपकॉर्न खाते हुए बैठे होते हैं, तो आपके समक्ष भावनाओं की विस्तृत सरगम पेश करते हैं। हां, ये वे लोग हैं, जिनके पास पैसा है। ये निर्माता हैं, जो टेलीविजन प्रोग्रामिंग के व्यापार पर राज करते हैं। पिछले साल इन्होंने आपके सामने कई और तरह-तरह के शो प्रस्तुत किए। इनमें से कुछ के साथ एफएम ने बात की और जाना 2012 में उनकी योजनाएं क्या हैं...
अनिता कौल बसु (बिग सिनर्जी) पिछले साल हमने 400 घंटों की प्रोग्रामिंग की थी और 2012 में हमारा लक्ष्य 600 से 700 घंटों का है। इस साल केबीसी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और इसे हिन्दी वर्जन के अलावा तीन और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रस्तुत करने की हमारी योजना है। हम अपना ध्यान अब ज्यादा क्षेत्रीय बाजार पर लगाएंगे और बंगाली और मराठी में शो प्रस्तुत करेंगे। हालांकि हम आला चैनलों के लिए आला शो बनाएंगे और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो यह साल ऎसा होगा, जब बिग सिनर्जी कहानी के क्षेत्र में भी उतरेगी। हम कई ब्रॉडकास्टर्स से बात कर रहे हैं और आशा करते हैं कि बात बन जाएगी । हमारे शो हकीकत के ज्यादा नजदीक होेंगे, उनमें शुद्ध कॉमेडी होगी, रोना धोना नहीं होगा। कुल मिलाकर 2012 में रिएलिटी शो खूब होंगे।
सुधीर शर्मा (सनशाइन प्रॉडक्शन्स) इस साल की शुरूआत कलर्स पर मेरे नए शो ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा से हुई। इसे अच्छा रेस्पॉंन्स मिला और मैं इसके प्रति आशान्वित हंू। वर्ष 2012 में सनशाइन प्रॉडक्शन दो और शो लेकर आएगा, जो पर्दे पर आने वाले महीनों में दिखाई देंगे। एक शो हम ब्रिटेन के एक प्रॉडक्शन हाउस के साथ मिलकर बना रहे हैं और यह एक अंतर्राष्ट्रीय फॉर्मेट पर आधारित होगा। हमने इसका लाइसेन्स ले लिया है और ये एक बड़ा शो होगा। इसके अलावा, स्टार प्लस के साथ टीआरपी की सीढ़ी पर सोनी और कलर्स बराबर की टक्कर दे रहे हैं। ये निर्माताओं के लिए अच्छा है और इस तरह किसी एक चैनल का बाजार पर आधिपत्य नहीं है। साल दर साल शो बनाने की सृजनात्मक प्रक्रिया में चैनल्स की दखलंदाजी कम होती जा रही है, इसलिए मेरा अनुमान है कि 2012 का साल अच्छा साल होगा।
रूपाली गुहा (फिल्म फार्म प्रॉडक्शन्स) हर साल हम प्रत्येक चैनल पर एक-एक शो करने की योजना बनाते हैं। मैं जानती हंू कि यह एक प्रकार का यूटोपियन है, लेकिन हम इस बारे में काम कर रहे हैं। पिछले वष्ाü हमने एक शो काशी इमेजिन पर किया था, जो छह माह बाद पर्दे से उतर गया, लेकिन हमें उस पर गर्व है। अगर मौका मिला, तो फिल्म फार्म उस शो को दोबारा करेगा और उसी तरह बनाएगा। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि भारतीय टेलीविजन को ज्यादा टेलीफिल्म्स बनानी चाहिए। ये ऎसा क्षेत्र है, जिसका दोहन बहुत कम हुआ है। कुल मिलाकर 2012 दर्शकों को कई बार चौंकाएगा। इसमें कहानी और गैर कहानी का मिश्रण होगा। यह सब मनोरंजन के लिए है।
सुमित मित्तल (शशि सुमित मित्तल प्रॉडक्शन्स प्रा. लि.) वर्ष 2011 अच्छा था, इसमें हमारे तीन शो- स्टार प्लस पर दीया और बाती हम, इमेजिन पर हार जीत और लाइफ ओके पर मैं लक्ष्मी तेरे आंगन की शुरू हुए और लोगों ने इन्हें पसंद किया। चौथा पुनर्विवाह जी टीवी पर शुरू होने ही वाला है, इसलिए हमारे पास नए साल की शुरूआत में ही एक शो है। इसके अलावा, इस साल हमारे दो और शो आने वाले है। अब, सामान्य तौर पर मैं यह महसूस करता हंू कि चैनल्स और निर्माताओं के बीच आपसी समझ और बढ़ी है। हां, कई बार ब्रॉडकास्टर्स बाजार में अनुसंधान के आधार पर हमें कुछ बदलाव करने को कहते हैं। ऎसे आवश्यक बदलाव करने में कोई नुकसान नहीं है। इसके अलावा, मैं सोचता हंू कि वर्ष 2012 में पारिवारिक सोप छाए रहेंगे।
धीरज कुमार (क्रिएटिव आई) 2012 का साल मेरे लिए बहुत अच्छा होगा। कई चैनल्स अपनी सृजनात्मकता के तरीके में बदलाव ला रहे हैं। लाइफ ओके ने एयरआइम 30 से घटाकर 20 मिनट कर दिया है। ये काफी चुनौतिपूर्ण और उत्साहवर्द्धक भी है। इस साल दर्शक विभिन्न कंसेप्ट्स पर कई तरह के शो देखेंगे। क्रिएटिव आई के लिए, हम टेलीविजन प्रोग्रामिंग के घंटों की संख्या बढ़ाना चाहते हंै। हमने अभी तक रिएलिटी के क्षेत्र में ज्यादा काम नहीं किया है, इसलिए इस साल हम गंभीरता के साथ इस क्षेत्र में उतरना चाहते हैं। हमारी कम से कम एक रिएलिटी शो और दो अन्य कहानी शो शुरू करने की योजना है।
यश पटनायक (बियोंड ड्रीम्स प्रॉडक्शन्स) नए साल का मतलब है नई संभावनाएं। बियोंड ड्रीम्स के कुछ शो हैं, जो जल्दी ही पर्दे पर दिखाई देंगे। पिछला वर्ष अच्छा था, लेकिन ये नया साल बेहतर होगा। व्यक्तिगत रूप से मैं वर्ष 2012 के बारे में अपेक्षा करता हंू कि मुझे परेशान न करने वाले कलाकारों के साथ काम करने को मिलेगा, टीआरपी बढ़ेगी, ऎसे स्थाई शो मिलेंगे, जो लंबे समय तक चलेंगे और ज्यादा पैसा मिलेगा। टेलीविजन के अच्छे साल के लिए चीयर्स।
|
|
|
|
|
|
|