पिछले साल के आखिर में रिलीज आमिर के साथ वाली उनकी फिल्म ने सफलता का परचम फहरा दिया है। यह खुशी करीना कपूर के चेहरे पर साफ झलकती है। इधर वो अपनी सगाई को लेकर सुर्खियों में हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने सैफ अली खान को अंगूठी पहनाकर रिश्ता और पक्का कर लिया है और इस साल शादी कर लेंगी। क्या यह वाकई सच है? हाल ही उनके एक अति करीबी मित्र के सहयोग से उनसे मुलाकात होती है और बेबो इन तमाम अटकलों पर से परदा उठाती हैं...
थ्री इडियट्स की खुशी माइंड ब्लोइंग, इसकी सफलता को लेकर मैं जरा भी चिंतित नहीं थी, फिर भी मैंने नहीं सोचा था कि यह इतनी बेहतरीन फिल्म के रूप में सामने आएगी। सिर्फ कलाकारों का अभिनय नहीं, फिल्म का हर पक्ष दिल को झकझोर देता है। कुछ आलोचकों ने इस फिल्म के मेरे रोल को गेस्ट रोल कहा है। ऎसी बातों को नेग्लेक्ट करना मुझे बखूबी आता है। यह फिल्म आमिर पर बेस्ड है, फिर मैं कैसे उम्मीद कर सकती हूंं कि फिल्म के हर फ्रेम में मैं दिखाई दूंगी। मुझे अच्छी तरह से पता है कि मुझे जो करेक्टर प्ले करना था, उसे मैंने अच्छी तरह से प्ले कर दिया है। मुझसे यदि पूछा जाए, कि इसमें आमिर के साथ वाले मेरे सारे सीन्स में से मुझे किस सीन के करने में बहुत मजा आया, तो मैं यहां आमिर के साथ दो सीन का खास तौर से जिक्र करना चाहती हूं। पहला, जहां आमिर शरमन जोशी के पिता को मेरी स्कूटी में बिठाकर तेजी से अस्पताल ले जा रहे हैं और मैं स्कूटी के पीछे बैठी हूं। दूसरा सीन वह है, जब मैं वोदका पीकर एक खास अंदाज में संवाद बोलती हूं। इन दोनों ही सीन का कम्पोजिशन अद््भुत बन पड़ा है। सच तो यह है कि आमिर जैसे हीरो के साथ तो मैं बार-बार काम करना चाहूंगी, पर सब कुछ मेरे चाहने से नहीं होता है। आमिर इतनी कम फिल्में करते है कि इसकी संभावना बहुत कम लगती है। इससे पहले उनके साथ मेरी दो फिल्में बनने वाली थीं, मगर जिस तरह से वो शुरू नहीं हो पार्ई, उसका अफसोस मुझे आज भी है। ऎसे मामलों में हमारे वश में कुछ भी नहीं होता। मैं एक फिल्मी परिवार की लड़की हूं। बहुत अच्छी तरह से जानती हूं कि फिल्म मेकिंग कितना टफ जॉब होता है। यदि कोई फिल्म घोष्ाणा के बाद भी शुरू नहीं हो पाती है, तो इसके लिए आप किसी को भी दोष्ाी नहीं ठहरा सकते। सिचुएशन बड़ा फैक्टर होता है। जब सारी सिचुएशन आपके पक्ष में होती है,तभी एक फिल्म कम्प्लीट हो पाती है। अब जैसे कि मणि रत्नम की "लाजो" के लिए मैंने थोड़ा बहुत वर्क आउट किया था, लेकिन विशाल जी की फिल्म तो सिर्फ घोष्ाणा तक सीमित रह गयी। असल में इन दोनों प्रोजेक्ट को लेकर सिर्फ कुछ बातें ही हुई थीं। मैं जानती हूं यदि ये फ्लोर पर चली जातीं, तो आमिर या मैं कोई भी इसे बंद नहीं होने देते। मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है। अब मैं आमिर के साथ किसी नई फिल्म में काम करना चाहती हूं।
मैंने शर्मिला आंटी से साफ -साफ कह दिया है मैं जब भी दिल्ली जाती हूं, यह सुनने को मिलता है कि शर्मिला आंटी (सैफ की मां) ने हम दोनों को शादी के लिए कहा है। मैं उनका बहुत रेस्पेक्ट करती हूं, इसलिए शादी के बारे में हम दोनों ने ही उन्हें यह अच्छी तरह से समझा दिया है कि अभी दो तीन साल तक हम शादी के बारे में सोच भी नहीं सकते। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि इस समय मैं कई फिल्मों को लेकर व्यस्त हूं। शाहरूख की फिल्म "रा-वन" भी जल्द शुरू होगी। फिर फरहान की सुधीर मिश्रा निर्देशित फिल्म "ध्रुव" भी है। करण के प्रोडक्शन की यह फिल्म हॉलीवुड की एक चर्चित फिल्म "स्टेप मदर" पर बेस्ड है। मैं इसमें अपनी पसंदीदा हिरोइन काजोल के साथ काम कर रही हूं। असल जिंदगी में काजोल मेरी बहुत अच्छी दोस्त हैं, मगर फिल्म में हम दोनों एक-दूसरे के दुश्मन नजर आएंगे।
सैफ,मैं और मेरी फिल्में "कुर्बान" के बाद "एजेंट विनोद" में फिर मैं सैफ के साथ नजर आऊंगी। यह सैफ के होम प्रोडक्शन की फिल्म है। दोनों का मेकिंग ऑफ स्टाइल एकदम जुदा है। इसमें बहुत थ्रिल है। हर पल एक नया रोमांच होगा। यह आज के दर्शकों को खूब पसंद आएगी। "कुर्बान" के बारे में अब कोई चर्चा करना बेकार है... क्योंकि इस फिल्म के ना चलने की तरह-तरह की वजह ढंूढने का कोई नहीं मतलब है। मैं कोई तुलना नहीं करूंगी, पर आज यह सुनने में बड़ा अजीब लगता है कि दादा जी (राज कपूर) की एक बेहद उम्दा फिल्म "मेरा नाम जोकर" एक बड़ी फ्लॉप थी। मेरा कहने का मतलब यह है कि हम सभी पूरी मेहनत कर "कुर्बान" को एक उम्दा फिल्म बनाना चाहते थे। बात नहीं बनी,दर्शकों ने इसे पसंद नहीं किया। फिल्म मेकिंग में इस तरह की चूक तो होती रहती हैं। यह भी एक बिल्कुल गलत सोच है कि निजी लाइफ में हम दोनों की अच्छी कैमिस्ट्री भी इस फिल्म को हिट नहीं बना पाई। फिल्म के रिजल्ट के साथ इस तरह की बातें फिट नहीं बैठती हैं। दर्शक कभी इस बात को नोटिस नहीं करते हैं कि परदे के पीछे हमारी जोड़ी कितनी चर्चित है। वो सिर्फ एंटरटेंनमेंट की बात जानते है। जहां तक मेरा सवाल है पर्सनल लाइफ को मैं कभी प्रोफेशनल लाइफ से नहीं जोड़ती हूं।
मुंबई से दीप्ति अनिल
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