ब ने बना दी जोड़ी" के लगभग डेढ़ साल बाद वो यशराज बैनर की दूसरी फिल्म "बदमाश कम्पनी" में दिखाई पड़ी हैं। फिल्म चली तो नहीं, पर इसमें उनके बोल्डनेस की चर्चा जमकर हो रही है। सूत्र बताते हैं कि यशराज बैनर ने उनके साथ जो तीन फिल्मों का करार किया था, वह इस फिल्म के साथ खत्म हो सकता है। वैसे भी इससे पहले अक्षय कुमार के साथ की एक-दूसरे बैनर की फिल्म "पटियाला हाउस" की शूटिंग भी उन्होंने शुरू कर दी ेेहै। मीडिया से हमेशा बहुत दूर रहने वाली इस तारिका ने एक ताजा मुलाकात के दौरान "बदमाश कम्पनी" में अपने नए लुक ... यशराज कम्पनी से अपने करारनामे और अपनी ताजा गतिविधियों के बारे में काफी कुछ कहा...
बदलाव जरूरी है... मुझे खुशी है कि अपनी दूसरी फिल्म में मुझे बिल्कुल अलग किरदार करने का मौका मिला है। मैंने इसमें अपने लुक में काफी बदलाव किया है। मेरे खयाल से यह जरूरी भी था। आपको हमेशा अपने किरदार को ध्यान में रखकर सब कुछ सोचना पड़ेगा। इसमें मेरा और शाहिद दोनों का ही बहुत लाइट रोल था। लोग इस फिल्म के बारे में अपने-अपने ढंग से रिमार्क देने के लिए स्वतंत्र हैं। जहां तक मेरा सवाल है मैं आगे भी परमीत सेठी जैसे निर्देशकों के साथ काम करती रहूंगी। आदित्य चोपड़ा जैसे दिग्गज के साथ काम करने के बाद बिल्कुल नए निर्देशक के साथ मेरी यह फिल्म आई है। मेरे लिए यह बात कोई मायने नहीं रखती है। मैं सबसे पहले फिल्म के पूरे प्रोजेक्ट पर गौर करती हूं, यदि सारी बातें मुझे पसद आती हैं, तो फिर मेरे लिए कोई प्रॉब्लम नहीं होती। मैं मानती हूं कि कई बार बैनर और डायरेक्टर आपको जबरदस्त ढंग से आकçष्ाüत करते हैं। अब जैसे कि आदित्य या हिरानी यदि मुझे याद करें, तो मैं अंाख मूंदकर उनकी फिल्में साइन कर लूंगी। करार की बात झूठी है... आदित्य चोपड़ा और उनके बैनर ने मुझे किसी करार में बांध रखा है..."रब ने बना दी जोड़ी" के बाद से ही मैं बराबर इस तरह की बातें सुन रही हूं, जबकि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है। मैं सोलह साल की उम्र से काम कर रही हूं। आट्र्स से पढ़ाई के दौरान ही मेरे फैशन वल्र्ड की गतिविधियां शुरू हो गई थीं। मॉडलिंग की वजह से ही फिल्मों में मेरा आना संभव हुआ। जहां तक यशराज बैनर का सवाल है, तो वो यदि मुझे बराबर मौके दे रहा है, तो इसमें गलत क्या है। "बदमाश कम्पनी" के बाद मैं शायद उनकी अगली फिल्म भी करूं। इसी वजह से इन दिनों मुझे यशराज कैम्प की हीरोइन कहा जा रहा है। ऎसी खबरों में कोई दम नहीं है, मगर यशजी का मुझ पर आशीर्वाद हमेशा रहेगा। रब ने.." के बाद से ही मैंने तय कर लिया था कि मैं फिल्मों का चयन बहुत संभलकर करूंगी वरना इतनी बड़ी हिट देने के बाद मेरी दूसरी फिल्म छह माह बाद ही आ जाती। मैंने अपना ज्यादा-से-ज्यादा वक्त अच्छी स्क्रिप्ट पढ़ने में खर्च किया। आपको थोड़ा ताज्जुब होगा, रब ने... के बाद मैं पचास से ज्यादा स्क्रिप्ट पढ़ चुकी हूं, पर फिल्में मैंने सिर्फ दो या तीन साइन की हैं। पिछले दिनों मैंने "पटियाला हाउस" की शूटिंग शुरू की है। फिल्मों पर नजर... मुझे पता है कि इतनी ज्यादा नुक्ताचीनी निकाल कर हिंदी की मसाला फिल्मों में काम करना संभव नहीं है। एक बात तो है, आप थोड़ा-सा धैर्य का परिचय देकर ऎसी फिल्मों में भी अपने लिए अच्छे रोल की तलाश कर सकते हैं। ज्यादातर हिंदी फिल्मों में हिरोइन के लिए करने को कुछ ज्यादा नहींं रहता है। "रब ने..." से इतनी अच्छी शुरूआत करने के बाद आप थोड़े से अच्छे रोल की उम्मीद तो कर ही सकते हैं। "चांदनी चौक टु चायना" जैसी फिल्म बना चुके "पटियाला हाउस" के निर्देशक निखिल आडवाणी के साथ मेरे काम करने की भी यही वजह थी। मैं मानती हूं कि उनकी पिछली फिल्म एक बड़ी डिजास्टर थी, मगर "पटियाला हाउस" के रूप में वो मेरे पास एक अच्छी स्क्रिप्ट लेकर आए थे। मुझे यह स्क्रिप्ट और इसमें अपना रोल अच्छा लगा। तब मेरे लिए यह बात कोई मायने नहीं रखती थी कि पूर्व में वो कैसी फिल्म बना चुके हैं। इस फिल्म में मेरे काम करने की एक बड़ी वजह अक्षय भी हैं। वो आज के एक बड़े स्टार हैं। कौन हीरोइन उनके साथ काम करना नहीं चाहेगी। सबसे अहम वजह तो यह है कि यह रोल मुझे बहुत पसंद था। मैं इस समय न्यूकमर हूं, इसलिए ऎसी फिल्में भी मैं करना चाहती हूं।
कोई भी हीरो ... कुछ खास हीरो के साथ ही मुझे काम करना है, ऎसी मेरी सोच नहीं है। चूंकि शाहिद नए दौर के हीरो हैं, इसलिए शायद उनके साथ मेरी जोड़ी को दर्शक ज्यादा पसंद करें। मैं अभी इंडस्ट्री में नई हूं, हर नई फिल्म के साथ मेरे परिचय का दायरा बढेगा। शाहिद बहुत जॉली किस्म का है। उसके साथ काम करने के दौरान आप गुप-चुप नहीं बैठ सकते। मुझे इस बात का अफसोस है कि "रब ने ..." के बाद शाहरूख ने मुझे फिर याद नहीं किया। शाहरूख भी क्या करें। वो अब फिल्में ही कितनी करते हैं। मैंने कहीं पढ़ा है कि ेेयशजी अपनी फिल्म में शाहरूख के साथ मेरी जोड़ी बनाना चाहते हैं। यदि यह बात सच हो जाए, तो यह मेरा सौभाग्य होगा। यशजी के साथ मैं काम करने के लिए बेताब हूं। मुंबई से दीप्ति अनिल
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