अपने अब तक के कॅरियर में कंगना रानावत ने काफी उतार-चढ़ाव का सामना किया है। बॉलीवुड में कदम रखने के बाद उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन कंगना ने हार नहीं मानी और अंतत: वह अपनी पहचान बनाने और कामयाबी हासिल करने में सफल रहीं। पेश है कंगना से हुई बातचीत के मुख्य अंश...
कामयाबी मिलने के बाद क्या आपने अपने अंदर भी कुछ बदलाव महसूस किया? जी बिल्कुल। मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है, नॉलेज बढ़ी है और हिम्मत भी। पहले की तरह अब हर कोई मुझे हिट नहीं कर सकता। मेरे अंदर एक एटीट्यूड भी आया है, जो हर कामयाब इनसान के अंदर आता है। यह अकड़ या घमंड नहीं है, बल्कि खुद पर भरोसा है और मुझे यह पसंद है।
आपने सीरियस रोल्स से शुरूआत की और इधर हल्के-फुल्के रोल भी किए, किन्हें करना ज्यादा मुश्किल लगता है? मेरे खयाल से सीरियस रोल करना ज्यादा मुश्किल काम है, क्योंकि मैं खुद असल में काफी मस्ती पसंद इनसान हूं। कैमरे के सामने सीरियस दिखने के लिए मुझे अपनी तरफ से एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। वैसे एक दर्शक के तौर पर मुझे लव स्टोरीज ज्यादा पसंद हैं। प्यार करना, फिर उसमें दिक्कतें आना और आखिर में हीरो-हीरोइन का मिल जाना। यह सब मुझे बहुत अच्छा लगता है।
आपकी आवाज और लहजे की कई बार आलोचना होती है? आवाज मुझे ऊपर वाले ने दी है, जिसे मैं बदल नहीं सकती। रानी मुखर्जी की आवाज के बारे में भी पहले बहुत कुछ कहा गया था, लेकिन जैसे-जैसे वह कामयाब होती गई, लोग चुप होते चले गए। रही लहजे की बात, तो वह नैचुरल है।
क्या यह सही है कि जब फिल्मों में आ रही थीं, तो आपके परिवार वालों ने काफी विरोध किया था? सबने तो नहीं, लेकिन मेरे पापा और दादा जी मेरे खिलाफ थे। असल में मेरे पूर्वज राजस्थान के शाही घराने से हैं। उन्हीं में से कोई हिमाचल में जाकर बस गया था और वहां भी हमारे परिवार का काफी नाम है। मेरे पापा और दादा जी को लग रहा था कि रॉयल फैमिली की लड़की होकर फिल्मों में काम करना हमारी शान के खिलाफ होगा।
क्या आपको लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री लड़कियों के लिए वाकई बुरी जगह है? बिल्कुल भी नहीं। उल्टे मुझे लगता है कि यहां पर लड़कियां ज्यादा आजाद हैं।
आप किस तरह से शादी करेंगी-अरेंज्ड या फिर लव मैरिज? यह इस पर डिपेंड करता है कि मैं किस लड़के को पसंद करती हूं। अगर मेरा पसंद किया इनसान उन्हें (पेरैंट्स को) नहीं भाया, तो मैं "तनु वेड्स मनु" वाले स्टाइल में घर से भाग कर भी शादी कर सकती हूं।
किस तरह का जीवन साथी चाहिए आपको? समझदार, स्मार्ट और हंसमुख। बहुत ज्यादा खूबसूरत दिखने वाले और शानदार बॉडी वाले मर्द मुझे नहीं पसंद हैं।
क्या वह शख्स फिल्म इंडस्ट्री से हो सकता है? शायद नहीं। फिल्म इंडस्ट्री में हॉट कुंवारे बचे ही कहां हैं? जो हैं वे किसी न किसी के साथ उलझे हुए हैं। मेरे खयाल से तो मेरा जीवन साथी फिल्म इंडस्ट्री के बाहर से ही होगा।
क्या कभी आपके मन में डायरेक्शन का खयाल भी आया है? कई बार। मैंने बहुत सारी स्क्रिप्ट्स लिखी हैं, लेकिन उनमें से कोई भी मुझे पसंद नहीं है। आजकल मैं स्क्रिप्ट पर काम कर रही हूं और जिस दिन मुझे लगेगा कि वह अच्छी तरह से तैयार हो गई है, मैं उस पर फिल्म बनाने का काम शुरू कर दूंगी।
-एस द्विवेदी
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