इमरान खान की नई फिल्म एक मैं और एक तू जल्द रिलीज होने वाली है। इसमें उनकी नायिका हैं करीना कपूर है। पेश है हाल ही हुई इमरान से खास बातचीत के मुख्य अंश...
फिल्म शॉर्ट टर्म शादी और एक मैं एक और तू कैसे बन गई? कहानी के मुताबिक करन जौहर पहले इस फिल्म का नाम शॉर्ट टर्म शादी ही रखना चाहते थे, मगर इस टाइटल पर फिल्म की यूनिट के कई लोगों की राय बहुत जुदा थी। बाद में एक मैं और एक तू में रजामंदी बनी। वैसे अब यह फिल्म की कहानी पर बिल्कुल फिट बैठा है।
क्या फिल्म की हीरोइन करीना कपूर के आग्रह पर यह टाइटल बदला गया है? मैंने कहा ना, इस टाइटल पर सब एकमत थे। खुद करीना को एक मैं और एक तू टाइटल ज्यादा रोमांटिक लग रहा था। हां, उन्होंने कुछ इसी तरह का एक मिलता-जुलता टाइटल खुद भी सुझाया, मगर बाद में उन्हें यह टाइटल ज्यादा पसंद आया।
फिल्म के नाम से लगता है, यह भी आम रूटीन टाइप का ड्रामा होगा? देखा जाए, तो हर रोमांटिक फिल्म रूटीन टाइप की ही होती। बस, वही लव कपल का रूठना-मनाना, फिर कुछ प्रॉब्लम। इस लव स्टोरी में भी ऎसे कई प्रॉब्लम हैं, लेकिन इसके नएपन की सभी तारीफ करेंगे। इसकी शुरूआत ही बहुत रोचक घटनाक्रम से शुरू होती है, जो आम रोमांटिक फिल्मों में आपको कम ही देखने को मिलेगा।
आपकी पहचान एक चॉकलेटी हीरो के तौर पर बन रही है ? किडनैप, लॅक, डेल्ही बेली जैसी फिल्मों का चॉकलेटी हीरो नहीं हूं। वैसे इसकी एक दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि मेरी अब तक की ज्यादातर हिट फिल्में जाने तू या जाने न, मेरे ब्रदर की दुल्हन आदि रोमांटिक टाइप की हैं, इसलिए प्रोड्यूसर मुझे इस तरह के रोल में रिपीट करना चाहते हैं। अब डेल्ही बेली के बाद मेरे बारे में लोगों की यह धारणा बदली है।
कॅरियर के शुरू में क्या इस तरह की इमेज में कैद होना आपको पसंद आ रहा है? जहां तक रोमांटिक रोल का सवाल है, तो इस तरह की फिल्में मुझे बहुत पसंद आती हैं। निजी जिंदगी में मैं खुद भी बहुत रोमांटिक हूं। सात साल तक अवंतिका से अफेयर करने के बाद मैंने शादी की है। मैं इसे अपने कॅरियर पर हावी नहीं होने देना चाहता हूं। मैं जल्द ही विशाल भारद्वाज की फिल्म मटरू के बिजली का मंडोला की शूटिंग शुरू करूंगा। यह मेरी इमेज के बिल्कुल विपरीत फिल्में हैं। वैसे मेरा खयाल है कि लगातार बेहतर काम करने के लिए आपको एक इमेज को थोड़ा बहुत फॉलो करना पडेगा। तभी बेहतर फिल्में आपके पास ज्यादा आएंगी।
आपकी ज्यादातर फिल्मों में हीरोइन आपको डॉमिनेट करती दिखाई पड़ती हैं? हंसते हुए... महिलाएं तो हमेशा पुरूषों को डॉमिनेट करती हैं। मैं ऎसी बातों को ज्यादा तवज्जों नहीं देता हूं। मेरी फिल्म में हीरोइन कौन है और उसका क्या रोल है, इस तरह की बातें मुझे परेशान नहीं करती हैं।
लेकिन बड़ी हीरोइन के आने से वह फिल्म हीरोइन बेस्ड बन जाती है? हीरोइन बेस्ड फिल्मों में काम करने में मुझे कोई दिक्कत नहीं होती है। ढेरों ऎसे उम्दा कलाकार रहे हैं, जिन्होंने हीरोइन बेस्ड फिल्मों में अपना जलवा दिखाया।
मगर करीना या कैटरीना अक्सर हीरोइन बेस्ड फिल्मों की जान बन जाती हैं? अपनी फिल्म की हीरोइन को मैं नहीं चुनता हूं। करीना या कैटरीना ही क्यों मेरी अब तक की सारी हीरोइन बहुत टैलेंडेट रही हैं। सभी ने अपने बेहतर काम से लोकप्रियता हासिल की है। हां, मैं हमेशा इन हीरोइन का शुक्रगुजार रहा हूं, क्योंकि कोई भी फिल्म बिना टीम वर्क के सफल नहीं होती है।
क्या अब भी हिंदी संवाद बोलते समय आपको दिक्कत आ रही है? पहले की तुलना में अब मैं बहुत अच्छी तरह से अपने हिंदी संवाद बोल लेता हूं। मेरा ज्यादातर समय साउथ या अमेरिका में बीता है, इसलिए हिंदी में बात करने का मौका मुझे कम ही मिला। लेकिन जैसे ही मैंने पहली हिंदी फिल्म साइन की, आमिर मामू के सुझाव पर मैं अपने दोस्त यार से हिंदी में बात करना शुरू कर दिया। अब भी जो लोग हिंदी में बात करते हैं, मैं उनसे हिंदी में ही बात करता हूं। इससे हिंदी बोलना मेरे लिए लगातार आसान होता जा रहा है। मैं उर्दू की तालीम ले रहा हूं।
आप अपने मामूजान को कितना फॉलो करते हैं? बहुत ज्यादा, उनके हर सुझाव मेरे लिए बहुत अहम होते हैं। आज फिल्मों में मेरी जो भी तारीफ हो रही है,उसका पूरा श्रेय मैं अपने मामू को देना चाहता हूं। उन्होंने मेरे पीछे बहुत मेहनत की है। पत्नी अवंतिका के साथ कैसी चल रही है
आपकी मैरिड लाइफ? एक मैं और एक तू के प्रमोशन की वजह से हम नए साल का सेलिबे्रशन अच्छी तरह से मना नहीं पाए, पर अब अपनी वेडिंग एनिवर्सरी हम बहुत खास ढंग से मनाएंगे। हम इस दिन को विदेश में सेलिब्रेट करना चाहते हैं, पर अवंतिका देश में ही रहकर इसे मनाना चाहती हैं।
-दीप्ति अनिल
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