चुलबुली व हंसमुख अदिति ने अपने कॅरियर की शुरूआत एकता कपूर के धारावाहिक "कयामत" और "कसौटी जिंदगी की" से की थी। हालांकि इनमें उनके किरदार की लंबाई ज्यादा नहीं थी, मगर भूमिका दमदार थी। कह सकते हैं कि छोटी भूमिकाओं में भी अदिति ने कमाल कर दिखाया था, नतीजन एकता कपूर ने अदिति को धारावाहिक "किस देश मेंं है मेरा दिल" में लीड रोल करने का मौका दिया। हीर के इस रोल को लोगों ने भी खूब पसंद किया था। इन दिनों अदिति जीटीवी पर जल्द शुरू होने वाले सीरियल " संजोग से बनी संगिनी" को लेकर फिर सुर्खियों में हैं। इसमें वो पीहू का रोल कर रही हैं। इस धारावाहिक और अपने चरित्र से अदिति को काफी उम्मीदें हैं। हाल ही उनका एक कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली आना हुआ, इसी दरम्यान प्रेमबाबू शर्मा की उनसे मुलाकात हुई... अदिति, आप अपने बैकग्राउंड के बारे में बताइए? मैं पूना की रहने वाली हूं। मेरी दिली इच्छा थी कि मैं एक सफल फैशन डिजाइनर बनूं। लेकिन परिस्थितियों के चलते मेरी यह लालसा तो पूरी नहीं हो पाई...हां, मैं टीवी स्टार जरूर बन गई। टेली जगत में शुरूआती सफर कैसा रहा? अच्छा रहा। सही मायने में मेरे कॅरियर की शुरूआत ही "किस देश मेंं है मेरा दिल" सीरियल से हुई थी, लेकिन मैंने "कयामत" और "कसौटी जिंदगी की" धारावाहिकों की अंतिम प्रसारित होने वाली कडियों में अभिनय किया था। आप इसे यूं भी कह सकते हैं कि उन कडियों में मेरे नए धारावाहिक "किस देश मेंं ... के किरदार का परिचय दिया गया था। इसमें मैंने हीर के किरदार को निभाया था, जो बाद में काफी पॉपुलर हुआ। इसके समानांतर एक टैंलेट "शो "जरा नच के दिखा" से जुड़ने का मौका मिला। संगिनी से कैसे जुड़ीं? मैं जब टैंलेट शो "जरा नच के दिखा " कर रही थी। उसी दौरान ही मुझे संगिनी में काम करने का प्रस्ताव मिला, जिसे मैंने स्वीकृति दे दी। संगिनी से जुड़ने की कोई खास वजह? इसमें मैं पीहू का किरदार कर रही हूं। वह एक अमीर बाप की घमंडी लड़की है। उसे लगता है कि वह पैसे के दम पर सब कुछ पा सकती है। बाद में उसको पता चलता है कि यह उसकी भूल है। इस किरदार में मुझे अलग-अलग शेड्स और असल जिंदगी की संवदेनाएं नजर आईं। मुझे यह किरदार बहुत चुनौती भरा लगा, विविधतापूर्ण किरदार निभाना तो हर कलाकार का सपना होता है। किस तरह का किरदार है पीहू का? यह धारावाहिक त्रिकोणीय प्रेम कहानी पर आधारित है और पीहू की भूमिका में पॉजीटिव और नेगेटिव दोनों ही तरह के रंगों का समावेश है। चंूकि पीहू, रूद्र के बचपन की दोस्त है और युवावस्था में कदम रखते ही उसे अपने दिल में बसा लेती है। अब उसे लगता है कि रूद्र पर उसका ही एकाधिकार है, जबकि उसके जीवन का एक हिस्सा गौरी (बिन्नी शर्मा) भी है। आपके अपोजिट इकबाल और बिन्नी भी हैं उनसे आपकी टयूनिंग कैसी रही? दोनों ही कलाकारों के बीच काम करने का एक अच्छा अनुभव रहा है या यूं कहे कि सेट पर बिताया हर पल मेरे लिए यादगार है। किस तरह का चरित्र निभाना पसंद करती हैं आप? मुझे नेगेटिव किरदार ज्यादा पंसद हैं, लेकिन मेरे लिए हर भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है। मैं किसी भी भूमिका को करने से पहले नहीं सोचती कि यह मेरे लिए बेहतर है या नहीं। इसमें दूसरी भूमिका की तरह समानता है या फिर ये उस किरदार से बिलकुल अलग है। मैं अपने किरदार को बेहतर से बेहतर बनाने और इसमें खुद को डुबोने की कोशिश करती हूं। -प्रेमबाबू शर्मा
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