परम्परा से हटकर बनाए गए शो"ज ये रिश्ता क्या कहलाता है और जस्सी जैसा कोई नहीं की लेखिका हैं रजिता शर्मा। असीम सृजन और प्रतिभा की धनी रजिता ने 2011 में अपना प्रोडक्शन हाउस निर्माता-निर्देशक विवेक बुदुकोटी के साथ मिलकर शुरू किया। इसका नाम है मैजिक लेंटर्न। उसके बैनर तले पहला शो था राम मिलाई जोड़ी, जो काफी सफल रहा और इस शो ने भारतीय टेलीविजन की दुनिया को दो प्रतिभाशाली कलाकार निशांत मलकानी और प्रिया गौड़ दिए। अब मैजिक लेंटर्न अपने नए शो तुम देना साथ मेरा को लेकर चर्चा में है। इस शो का प्रसारण लाइफ ओके चैनल पर किया जा रहा है। एफएम ने रजिता से उनके शो"ज के साथ कई अन्य मुद्दों पर बातचीत की...
धारावाहिक तुम देना साथ मेरा बनाने का विचार कैसे आया? एक दिन जब हम चैनल अधिकारियों के साथ एक कंसेप्ट पर चर्चा कर रहे थे, तो हमारे बीच इस बात पर बहस छिड़ गई कि मुम्बई में लोग अपने जीवन के संघर्ष और समस्याओं में इतने बिजी हो जाते हैं कि वे जिदंगी का आनंद लेना भी भूल जाते हैं। अपने परिवार के सदस्यों के साथ सुबह की चाय पीना और उनके साथ कुछ लम्हें हंसी-खुशी के गुजारना भी वह भूल जाते हैं, इसलिए हमने ऎसे कंसेप्ट के बारे में सोचा, जिसमें युवा दंपत्ति अपने गांव से उठकर मुम्बई आ जाते हंै। पत्नी बस अपने पति के साथ समय गुजारना चाहती है, वहीं पति महत्वकांक्षी है और उसकी तमन्ना शोहरत, सफलता और पैसा हासिल करने की है। वे किस तरह भौतिक सुख सुविधाएं हासिल करने की खोज में जिंदगी के हसीन लम्हों से दूर होते चले जाते हैं। यही कहानी का केंद्र बिंदु है।
आप नए चेहरों को मौका देती हैं, जैसे राम मिलाई के बाद तुम देना साथ मेरा में भी आपने नए चेहरे लिए हैं, कोई खास वजह? देखिए, राम मिलाई जोड़ी में हम शो को ताजा लुक देना चाहते थे, इसलिए कास्टिंग में निशांत मलकानी और पायल गौड़ सरीखे नए चेहरे लिए। लेकिन तुम देना साथ मेरा में स्क्रिप्ट की मांग यह थी कि युवा दंपत्ति नए हों, जो अभी तक टीवी के पर्दे पर दिखाई नहीं दिए हों, जो खूबसूरती से पवित्र प्यार की भावनाओं का चित्रण कर सकें। असल में स्क्रिप्ट और स्टोरी लाइन पर कास्टिंग निर्भर करती है। इसके अलावा नए चेहरों के साथ काम करना चुनौती भरा होता है, लेकिन इसमें अच्छी बात ये है कि वे बेशक कच्चे होते हैं, मगर ऊर्जावान होते हैं और काम करने की उनमें भूख होती है। कई बार वे अपनी परफॉर्मेंस से आपको चकित भी कर सकते हैं।
तुम देना... के लिए सोनारिका व अंकित का चयन कैसे किया? मैंने जब सोनारिका को कहानी सुनाई, तो उसकी आंखों में आंसू आ गए। उसी क्षण मैं जान गई कि अभिलाषा के पात्र के लिए वह सर्वथा उपयुक्त है। अंकित सूरत का है और यहां मुम्बई में आकर रहने लगा है। मुझे वह बिल्कुल मासूम लगा। वह मनन के रोल के लिए फिट है।
जब आप कंसेप्ट की बात करती हैं, तो क्या आप मानती हैं कि आजकल शहरी प्रेम कहानी का ही ट्रेंड बन गया है? मैं महसूस करती हंू कि किसी ट्रेंड के अनुसरण का आइडिया हमेशा फ्लॉप ही होता है। चाहे वह जिंदगी का मामला हो या फिर काम का... हर एक को इसमें प्रयोग करने की और उत्साहवर्द्धक चीजें करने की जरूरत होती है। जिंदगी का मजा तो वैराइटीज में ही है। एक तरफ लोग लाडो को पसंद करते हैं, तो दूसरी तरफ बड़े अच्छे लगते हैं में उन्हें ज्यादा आनंद नहीं आता। यह कोई ट्रेंड नहीं, बल्कि सारा मामला अनूठेपन का है।
एक निर्माता के रूप में क्या आप सोचती हैं कि एक वक्त आता है, जब कहानी अपनी संतुष्टि पर पहुंच जाती है? बिल्कुल। 300 पटकथाएं लिखना, हर एपिसोड को और ज्यादा दिलचस्प बनाना कोई आसान काम नहीं है। सोच-सोच के भी आप कितना नया सोचोगे...(हंसती हैं), इसलिए एक स्थिति ऎसी आती है, जब चीजों में दोहराव आने लगता है। एक शो को या तो अपनी स्टोरी लाइन को नया करना होता है या उसे पर्दे से हट जाना होता है। यह सब इसलिए ताकि दर्शकों की उसमें रूचि बनी रहे।
चलिए, राम मिलाई जोड़ी की बात करते हैं, क्या आप अंगद की एंट्री और उसके साथ सारा के बीच की कैमिस्ट्री से खुश हैं? हां, मैं अंगद की एंट्री से बहुत खुश हंू। वह बहुत अच्छा कलाकार है और मैं उसे काफी समय से जानती हंू। जहां तक सारा-अंगद की कैमिस्ट्री का सवाल है, तो यह अच्छी है। सच कहूं, तो वे दोनों अभिनय के लिए ही बने हैं।
आखिरी सवाल, मैजिक लेंटर्न की अब तक की यात्रा कैसी रही? यात्रा अभी तक तो बहुत अच्छी है। पिछले साल कुछ उतार-चढ़ाव आए थे। राम मिलाई जोड़ी में हमें सफलता भी मिली और कई विवाद भी हुए, लेकिन आखिर में हम एक अच्छा शो करने में कामयाब रहे। मैं तुम देना साथ मेरा को लेकर काफी आश्वस्त हंू। मुझे पूरा यकीन है कि शो को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।
-रमेश दाधीच
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