25 करोड़ रूपए कम लगते हैं पर्यटन विकास के लिए शहर को जयपुर। राज्य के बजट से वे शहरवासी कम उत्साहित है, जो डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टूरिज्म से जुड़े हुए हैं। इस बार टूरिज्म के लिए राज्य सरकार ने 25 करोड़ का बजट सेंक्शन किया है। टूरिज्म से जुड़े लोग इसे पूरे राज्य के हिसाब से बहुत कम मान रहे हैं। इन एक्सपट्र्स का मानना है कि हाल ही राजस्थान को टूरिज्म के लिए अवॉर्ड जरूर मिला है, लेकिन बहुत से ऎसे ऎतिहासिक प्लेस हैं, जिन्हें रिनोवेशन की जरूरत है। ऎसे में 25 करोड़ का बजट आटे में नमक के बराबर है। हालांकि सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। बहरहाल, फिलहाल तो जयपुर के आसपास एडवेंचर टूरिज्म के लिए कोई खास जगह नहीं है।
क्या शहर होगा सुंदर मुझे लगता है कि 25 करोड़ रूपए का बजट पूरे राज्य के लिए कम है। इस बजट में पिंकसिटी को खास जगह दी जानी चाहिए थी। शहर को वल्र्ड क्लास सिटी बनाने के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं है। वहीं टूरिस्ट्स के लिए भी कोई खास सुविधाएं नहीं आ पाई है। क्या इस बजट से शहरवासियों के लिए कुछ नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी डवलप हो सकते हैं? सरकार की इस पॉलिसी से हमारे पास नए विकल्प होंगे। हमारे शहर का टूरिज्म यदि डवलप होता है, तो इसका फायदा किसी न किसी रूप में सभी इंडस्ट्रीज को मिलता है। अंजू सिंह, बिजनेस वुमन।
25 करोड़ में क्या-क्या हो पाएगा? जयपुर में कला प्रेमियों के लिए जवाहर कला केन्द्र और रवीन्द्र मंच जैसी जगह ही उपलब्ध है। पिंकसिटी में आर्टिस्ट की कमी नहीं है और हम लोग थियेटर का लुत्फ भी उठाना चाहते हैं। शहर आने वाले बहुत से टूरिस्ट्स यहां के कल्चरल इवेंट के लिए उत्साहित रहते हैं। 25 करोड़ के इस बजट में सरकार क्या रिनोवेशन करेगी। क्या फेस्टिवल करेगी? टूरिज्म डवलप करने के लिए कुछ और बजट स्वीकृत होना था। दिनेश सबनानी शोरूम मैनेजर।
बहुत कम है बजट 25 करोड़ का बजट पूरे राज्य के विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। विदेशी पर्यटकों में राजस्थान के फेयर एंड फेस्टिवल का आकर्षण सबसे ज्यादा होता है। फेयर एंड फेस्टिवल के लिए बहुत ही कम पैसा दिया गया है। विदेशी पर्यटक ऎसी जगहों पर ज्यादा इंट्रेस्ट रखता है। एडवेंचर टूरिज्म को डवलप करने के साथ ही उसकी सही तरह से मार्केटिंग करना बहुत जरूरी है। बहादुर सिंह राजावत डॉयरेक्टर, फोट्र्स एंड पैलेसेज लिमिटेड।
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