जयपुर। पेपर में पांच सब्जेक्ट से संबंधित क्वेश्चंस आए थे। क्वेश्चंस ना ज्यादा टफ थे ना ज्यादा ईजी। नेगेटिव मार्किग होने की वजह से अधिक क्वेश्चंस अटैम्प्ट नहीं कर पाए। कुछ इसी तरह की बातें सुनने को मिलीं स्टूडेंट्स से। रविवार को शास्त्री नगर स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल में इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) की स्टेट काउंसिल आरसी-6 की तरफ से साइंस इनोवेशन एंड प्रैक्टिस एनकरेजमेंट (स्काइप) प्रोग्राम का पहला टेस्ट आयोजित किया गया। इसमें 7वीं से 11वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। ऑप्शन में दो बार "बी" 7वीं क्लास की स्टूडेंट उन्नति सेनानी ने बताया कि पेपर में 7वीं के अलावा 8वीं क्लास के सिलेबस से भी क्वेश्चंस पूछे गए थे। पेपर का स्टैंडर्ड ज्यादा हाई नहीं था। 8वीं क्लास के स्टूडेंट संभव पारीक ने कहा कि पेपर में पांचों सब्जेक्ट के टॉपिक्स को कवर किया गया था। 9वीं क्लास के स्टूडेंट दीपांशु कुमार ने बताया कि पेपर में मल्टीपल च्वॉइस क्वेश्चंस पूछे गए थे। एक क्वेश्चन के ऑप्शन में दो बार "बी" प्रिंट हुआ था। 10वीं की स्टूडेंट प्रतिभा व्यास और 11वीं की स्टूडेंट श्रेया कुमार कहती है कि पेपर में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। 50 स्कूलों के स्टूडेंट्स हुए शामिल स्काइप के एग्जाम में शहर के करीब 50 स्कूलों के 3277 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 2539 स्टूडेंट्स ने अपना भाग्य आजमाया। डेढ़ घंटे के इस एग्जाम में 7वीं से 11वीं क्लास के स्टूडेंट्स से फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बॉयोलॉजी और मैंटल एबिलिटी से कुल 80 क्वेश्चंस पूछे गए। भीड़ में खो गए बच्चे शहर में एकमात्र सेंटर होने के चलते पैरेंट्स का जमावड़ा देखा गया, जिससे स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेपर देकर बाहर निकले स्टूडेंट्स न केवल अपने पैरेंट्स को ढूंढ़ते नजर आए बल्कि भीड़ में कुछ स्टूडेंट्स खो गए। सबसे ताज्जुब की बात यह थी कि 9वीं क्लास का एक स्टूडेंट, जिसका रोल नम्बर 363 था, वह अपनी बुकलेट अपने साथ ले आया। इस बात का पता चलने पर माइक पर अनाउंसमेंट कर बच्चे को अंदर बुलाकर बुकलेट जमा की गई।
|
|
|
|
|
|
|