जयपुर। जोश और उमंग से भरपूर टैलेंटेड प्रतिभागियों की दमदार प्रस्तुति और उनकी हौसला अफजाई करने के लिए हजारो की तादाद में मौजूद स्टूडेंट्स एवं यूथ। राजस्थान यूनिवर्सिटी के घूमर पांडाल पर करीब सात वर्षो बाद आखिरकार सोमवार से तीन दिवसीय घूमर समारोह की शानदार शुरूआत हुई। दसवें इंटरनेशनल यूथ फेस्टिवल के पहले दिन घूमर की छटा बिखरी और महारानी कॉलेज की स्टूडेंट्स की ओर से "म्हारी घूमर नखराली" गीत पर पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुति से उत्सव की औपचारिक शुरूआत की। पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों पर साकार हुई इस प्रस्तुति के साथ दर्शक दीर्घा में मौजूद स्टूडेंट्स भी घूमर के रंग में रंग गए। उनके कदम भी खूब थिरके। समारोह में कुल 16 टीमों ने अपना रंग जमाया।
दो घंटे में हाउसफुल समारोह की औपचारिक शुरूआत 11 बजे से हुई, लेकिन पांडाल अधिकांश खाली ही रहा। इसके महज दो घंटे के भीतर ही स्टूडेंट्स की बढ़ती तादाद के चलते पांडाल के बाहर तक भीड़ हो गई। हालांकि कड़े नियम कायदों और पुलिस की खराब सुरक्षा व्यवस्था के चलते स्टूडेंट्स को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। इसी के फेर मे समारोह में शरीक होने आए दूसरे कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स बतौर दर्शक शामिल नहीं हो पाए और वे मायूस होकर लौटे।
सुमधुर आवाज बनी दिलकश समारोह में भारतीय लोक गीतों का भी कॉम्पिटिशन हुआ। इसमें दो कैटेगरी रखी गई। पहली सोलो तो दूसरी गु्रप रही। इसमें कुल आठ यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने पार्टिसिपेट किया और सुमधुर आवाज की बदौलत निर्णायक और यंगस्टर्स को रिझाने की कोशिश की। प्रतिभागियों की ओर से राजस्थानी, पंजाबी सहित अनेक भाषाओं में लोक गीतों की पारम्परिक परिधानों मे प्रस्तुति दी। जबकि नेपाल स्थित काठमांडू यूनिवर्सिटी के डीएवी कॉलेज से आए प्रतिभागियों ने नेपाली भाषा में बे..ताली गीत की प्रस्तुति के जरिए नेपाल की पहाड़ी खूबसूरती को बताया।
"क्या आईटी अभिशाप है" तीन दिवसीय समारोह के तहत इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सही और गलत पहलू को चर्चा का विषय बनाया गया। इसमें हिन्दी और इंग्लिश भाषा में डिबेट का आयोजन किया गया। मानविकी हॉल स्थित रूम नं. पांच में हुई इस डिबेट का विषय "इस सदन की राय में सूचना प्रौद्योगिकी समाज के लिए अभिशाप है" रखा गया। इसमें हिन्दी में जहां कुल 7 प्रतिभागियों ने पक्ष-विपक्ष पर अपने विचार रखे, वहीं अंग्रेजी में कुल 11 प्रतिभागियों ने इसके पक्ष-विपक्ष पर अपनी राय जाहिर की। स्टूडेंट्स की ओर से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के संबंध में इसके अच्छे और बुरे पहलुओं को बताया गया, साथ ही हाल ही में उजागर हुए विभिन्न घोटालों की बात भी कही।
रंगों में कैंसर का दर्द समारोह के तहत फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट में पोस्टर मेकिंग का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न यूनिवर्सिटी के तकरीबन छह स्टूडेंट्स ने कैंसर की थीम पर रंगों के जरिए कैंसर के दर्द को पोस्टर्स मे दर्शाया। प्रतिभागियों ने कैंसर की परिभाषा, उससे जिन्दगी की कश्मकश और हार न मानने सरीखे संदेश भी उकेरे। विभाग के सुब्रतो मंडल ने बताया कि पोस्टर्स मेकिंग के जरिए यंगस्टर्स में कैंसर के प्रति अवेयरनेस जगाना था। इससे पहले ऑन द स्पॉट पेंटिंग का भी आयोजन किया गया।
रीमिक्स और देशभक्ति का रंग शेरों-शायरी से भरपूर रहे समारोह में सोलो और गु्रप डांस कॉम्पिटिशन भी हुआ। इसमें सोलो मे राजस्थान यूनिवर्सिटी, काठमांडू यूनिवर्सिटी, सुरेश ज्ञानविहार सहित अन्य प्रतिभागी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने रिमिक्स और लोक गीतों पर प्रस्तुति दी। गु्रप डांस की कैटेगरी में राजस्थान यूनिवर्सिटी के छह सदस्यीय दल ने तिरंगे की ड्रेस में देशभक्ति का जज्बा जगाते डांस को साकार किया। उन्होेने तीन गानों के रिमिक्स पर तिरंगा बनाया और हवा में इसे फहराकर देशभक्ति का परिचय भी दिया। इसके बाद गुरूनानक यूनिवर्सिटी, अमृतसर के स्टूडेंट्स ने हिप-हॉप म्यूजिक के ट्रेंड को फॉलो करते हुए फुर्तीला डांस पेश किया और सिर के बल लहराकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने डांस की रिदम को एंजॉय भी किया, जिसमें तालियों की गड़गड़ाहट के रूप में दर्शकों ने भी उनका हौसला बढ़ाया। समारोह में कलाकारों की ओर से अतिथि प्रस्तुति भी दी गई। इसके तहत दो युवा कलाकारों की ओर से वाई दिस कोलावरी के रिमिक्स वर्जन की प्रभावी प्रस्तुति दी गई। जबकि जैसलमेर से आएं लंगा-मागणियार कलाकारों के दल ने लुभावनी प्रस्तुति से यंगस्टर्स को मुग्ध किया। इस अवसर पर लोक कलाकारों की ओर से कालबेलिया डांस की भी प्रस्तुति दी गई। व्यंग्यकार पंकज पंडित ने हरियाणवी और राजस्थानी भाषा में व्यंग्यात्मक संवादों का प्रदर्शन कर यंगस्टर्स के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। हालांकि दर्शकों में बैठे यंगस्टर्स में से भी इस दौरान कलाकार स्टेज पर आएं और कलरफुल प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा। दर्शकों ने हर परफॉर्मेस को खूब सराहा और प्रतिभागियों के साथ-साथ ठुमके लगाए। बॉक्सर विजेंद्र के साथ भी यूथ ने बहुत डांस किया।
...और विजेन्द्र के ठुमके डीएसडब्ल्यू और छात्रसंघ के बैनर तले आयोजित समारोह में ओलम्पिक पदक विजेता एवं बॉक्सर विजेन्द्र सिंह ने भी मुख्य आकर्षण के तौर पर शिरकत की। उन्होंने स्टूडेंट्स का "नमस्कार.. सतश्री अकाल और आदाब" कहकर अभिवादन किया। उन्होंने स्टेज से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि "आप अपनी फील्ड में जिम्मेदारी से काम करिए...बॉक्सिंग की जिम्मेदारी मुझ पर छोड़ दीजिए।" इस अवसर पर विजेन्द्र ने बॉक्सिंग के स्टेप्स भी किए और तेनू ले कर जावा गाने पर उन्होंने ठुमके भी लगाएं। इस दौरान विजेन्द्र को देखने के लिए यंगस्टर्स में जबरदस्त दीवानगी रही और विजेन्द्र ने भी जाते समय गल्र्स और बॉयज से खूब हाथ मिलाएं और उनका हौसला बढ़ाया।
मिस करता हूं जयपुर इस शहर में मैनें टीटी की नौकरी की थी और इसलिए इस शहर को भुलाया नहीं जा सकता है। हालांकि कोई भी बगैर टिकटधारी मैं पकड़ नहीं सका, क्योंकि अक्सर मॉडल बनकर खड़ा रहता था और किसी से भी टिकट चैकिंग के लिए नहीं पूछता था। यह कहना है बॉक्सर और मॉडल विजेन्द्र सिंह का। राजस्थान यूनिवर्सिटी में घूमर समारोह में मुख्य आकर्षण के तौर पर आए विजेन्द्र ने बताया कि राजमंदिर सिनेमा मे फिल्में भी खूब देखी है और वहां स्थित एक शॉपिंग मॉल में शॉपिंग का भी मजा लिया।
हालांकि अब जयपुर में ना होना हमेशा मिस करता हूं। फिलहाल लंदन में होने वाले ओलम्पिक की तैयारी में व्यस्त विजेन्द्र ने बताया कि ओलम्पिक के बाद छोटे और बड़े पर्दे दोनों पर उनकी दमदार वापसी होगी और दर्शकों को वह नजर भी आएंगे। उन्होंने कहा कि जयपुर भी अच्छा स्पोट्र्स हब बन सकता है, क्योंकि यहां दिल्ली से नजदीकी और टैलेन्टेड यंगस्टर्स की तादाद प्लस पॉइंट है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के कैंसर से शीघ्र उभरने की कामना भी की। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले ही वे यूवी से एक यात्रा में मिले थे और वे बहुत पॉजिटिव लग रहे थे। उन्होंने स्पोट्र्स कैटेगरी में भारत रत्न मिलने संबंधी नियमों को स्पोट्र्स प्लेयर्स के लिए गुडन्यूज भी बताया।
आज के कार्यक्रम क्ले मॉडलिंग: फाइन आट्र्स डिपार्टमेंट कोलाज: फाइन आट्र्स डिपार्टमेंट क्लासिकल म्यूजिक वोकल: मानवीकी हॉल लाइट म्यूजिक: घूमर पांडाल हिन्दी, इंग्लिश, उर्दू कविता: मानवीकी हॉल रूम नं.- 5 क्लासिकल म्यूजिक इंस्टू्रमेंटल: मानवीकी हॉल काटूर्निग : फाइन आट्र्स डिपार्टमेंट क्लासिकल डांस सोलो: मानवीकी हॉल वन एक्ट प्ले: घूमर पांडाल माइम: घूमर पांडाल
|
|
|
|
|
|
|