जयपुर। जॉब्स इनसिक्योरिटी और बढिया पैकेज की वजह से पिछले एक साल में कॉमर्स स्टूडेंट्स में ड्यूल डिग्री का क्रेज काफी बढ़ गया है। जयपुर में भी स्टूडेंट्स एक साथ दो या तीन डिग्री लेने में इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं। एक्सपट्र्स के मुताबिक ड्यूल डिग्री के लिए सबसे ज्यादा इंट्रेस्ट कॉमर्स स्ट्रीम में दिखाई दे रहा है। इस करीब 90 परसेंट स्टूडेंट्स बीकॉम के साथ कोई ना कोई प्रोफेशनल कोर्सेज कर रहे हैं। इस तरह से 12वीं के बाद अगले पांच सालों में स्टूडेंट्स के पास चार से पांच डिग्री और डिप्लोमा होते हैं। इस बारे में कुछ स्टूडेंट्स का मानना है कि एक जैसे सब्जेक्ट्स होने की वजह से ये कोर्सेज एकसाथ करना आसान है, वहीं जानकारों का मानना है कि कंपनी प्लेसमेंट्स में ऑल ओवर क्वालिफिकेशंस और एक्सपीरियंस के अलावा ड्यूल डिग्री को भी इंर्पोटेंस दी जाने लगी है। मेरिटोडियस स्टूडेंट्स हैं सबसे आगे जयपुर में पिछले दो सालों के सीए, सीएस और आईसीडब्लूएआई के रिजल्ट का आंकड़ा देखा जाए तो यही पता चलता है कि करीबन सभी टॉपर्स एक समय में दो या तीन डिग्री कोर्सेज कर रहे हैं। सीएस टॉपर अक्षिता बताती हैं, ट्वैल्थ में ही मैंने और मेरे फ्रैंड्स ने यह सोच लिया था कि हमें बीबीए और बीकॉम के साथ एक प्रोफेशनल कोर्स भी करना है। महारानी कॉलेज से बीबीए करने के अलावा मैंने सीएस कोर्स में भी एडमिशन लिया है। इसके बाद मैं एमबीए के साथ फाइनेंस डिग्री कोर्स करूंगी। मेरे एक फ्रैंड ने तो सीए और सीएस दोनों में एडमिशन कराया है और साथ में कॉमर्स कॉलेज से बीकॉम भी कर रहा है। ये हैं परफेक्ट कॉम्बिनेशंस आईसीएआई के जयपुर ब्रांच के चेयरमैन बताते हैं, मार्च में हुए प्लेसमेंट्स में भी यही बात सामने आई थी कि कंपनीज वर्क एक्सपीरियंस के साथ ड्यूल डिग्री और मल्टी टास्किंग को प्रिफरेंस दे रही हैं। जितने भी लोगों का सलेक्शन हुआ था, उन सभी के पास ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के अलावा दो से तीन प्रोफेशनल कोर्सेज की डिग्री और भी थीं। इसी वजह से आईसीएआई ने भी डिफरेंट प्रोफेशनल कोर्सेज की ओर कदम बढ़ाया है। फिलहाल कॉमर्स स्टूडेंट्स सीए, सीएस, आईसीडब्लूएआई, बैकिंग एंड फाइनेंस में डिप्लोमा कोर्सेज ग्रेजुएशन के साथ करने में इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं। वहीं सीएस स्टूडेंट्स लॉ भी साथ में कर रहे हैं। 16 में से 14 कर रहे हैं ड्यूल कोर्सेज हाल ही आए आईसीडब्लूएआई के रिजल्ट में आए टॉपर्स में से 16 स्टूडेंट्स में से करीब 14 स्टूडेंट्स ड्यूल कोर्सेज कर रहे हैं। यह बात सिर्फ ग्रेजुएशन के साथ एक प्रोफेशनल कोर्स करने की नहीं है। बल्कि स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन को साइड में रखकर दो प्रोफेशनल कोर्स साथ कर रहे हैं। इंटरमीडियट में टॉपर रहे मोहित गर्ग बताते हैं, मैं बीकॉम के साथ सीए और आईसीडब्लूएआई साथ में कर रहा हूं। मेरे सीनियर्स भी पुणे और मुंबई की बड़ी यूनिवर्सिटी से पत्राचार से फाइनेंस और बैकिंग सेक्टर के प्रोफेशनल कोर्स साथ में करने की सलाह देते हैं, जिससे अच्छी जॉब मिल सके। मेरे सभी फ्रैंड्स दो या तीन प्रोफेशनल कोर्स साथ कर रहे हैं। वहीं आईसीडब्लूएआई के जयपुर चैप्टर के कोचिंग डायरेक्टर पीडी अग्रवाल बताते हैं, पिछले दो तीन सालों में क्रेज तेजी से बढ़ा है। पहले स्टूडेंट्स बीकॉम के साथ सीए, सीएस या आईसीडब्लूएआई करते थे, लेकिन अब दो प्रोफेशनल कोर्स एक साथ करना चाहते हैं। इसकी एक वजह कंपनी प्लेसमेंट में ऎसे स्टूडेंट्स को तवज्जो देना है।
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