जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की सुकृति और सुदर्शन कला दीर्घा मंगलवार को वन्यजीव प्राणियों की मौजूदगी का अहसास कराने में कामयाब रही और छायाचित्रों के माध्यम से उनकी चहल-कदमी की भी अनुभूति हुई। मौका था, उद्योगपति, राजनीतिज्ञ एवं वन्यजीव प्रेमी कमल एम. मोरारका की छायाचित्र प्रदर्शनी "नेचर ट्रेल" का। इसका उद्घाटन केन्द्रीय जनजाति राज्यमंत्री महादेव सिंह खंडेला ने किया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर ने पशु-पक्षी और मानव को एक ही दृष्टि से बनाया है, ऎसे में वन्यजीवों का सम्मान करना चाहिए और उनसे प्रेम करना चाहिए ताकि उनका घरौंदा बना रहे और हमारे संग भी उनका साथ मुकम्मल रहे। समारोह में महापौर ज्योति खंडेलवाल सहित विभिन्न विधायकों ने शिरकत की और मोरारका के प्रकृति प्रेम को सराहा।
50 छायाचित्र हैं खास मोरारका की ओर से एग्जिबिशन में कुल 50 छायाचित्रों को डिस्प्ले किया गया। इनमें केन्या और दक्षिणी अफ्रीका के घने जंगलों में विचरण करने वाले शेर, चीते सहित विभिन्न वन्य जीवों की जीवन्त फोटोग्राफ को प्रदर्शित किया गया। मोरारका ने बताया कि जब 1995 में भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में परिंदों के झुंड को देखा तो उनकी खूबसूरती आकष्ाüण का केन्द्र बनी और तभी से वन्यजीवों की अठखेलियों को कैमरे के माध्यम से तस्वीरों में उतारता चला गया। उनकी ओर से छायाचित्रों में पानी पीते तेंदुओं और शेरों के फोटोग्राफ प्रभावी बने, जबकि साइबेरियाई सारस की उड़ान भी खूबसूरत बनी। इसका समापन 13 को होगा।
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