जयपुर। जवाहर कला केन्द्र के मध्यवर्ती मुक्ताकाशी मंच पर सोमवार से गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर पर केन्द्रित तीन दिवसीय समारोह "रवीन्द्र रचना महोत्सव शब्द-रंग-राग" की शुरूआत हुई। जवाहर कला केन्द्र, जयपुर, पीपुल्स मीडिया थियेटर और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे समारोह में पहले दिन नृत्य नाटिका "चारूलता" की प्रस्तुति हुई। टैगोर की कथा "नष्टनीड" पर आधारित इस नृत्य नाटिका में नारी के मनोभावों को दर्शाया गया। इसका निर्देशन नृत्य गुरू रेखा ठाकर ने किया, संगीत धु्रवपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग और परिकल्पना नाट्य निर्देशक अशोक राही ने की। नाटिका में ताल संयोजन पं. प्रवीण आर्य तथा संगीत संयोजन विवेक उपाध्याय का रहा।
आज होगा काव्यपाठ समारोह में मंगलवार को कृष्णायन सभागार में दोपहर दो से पांच बजे तक गुरूदेव की कविताओं का पाठ व चर्चा सत्र चलेगा। इसमें 20 युवक-युवतियां गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की कविताओं का पाठ करेंगी। इसी दिन हिन्दी के प्रसिद्ध कवि ऋतुराज की अध्यक्षता में एक बहुभाषी काव्य संगोष्ठी भी आयोजित होगी। इसमें डॉ. हरिराम आचार्य (संस्कृत), देवदीप (बांग्ला), विनोद पदरज, गोविन्द माथुर, अम्बिका दत्त, कैलाश मनहर, रेवती रमण शर्मा, अंजता देव (हिन्दी) और किशोर पारीक (राजस्थानी), फारूख इंजीनियर, आदिल रजा मंसूरी (उर्दू) व हरीश करमचंदाणी (सिंधी) में काव्य पाठ करेंगे।
कल होगा नाटक का मंचन समारोह के समापन अवसर पर रंगायन सभागार में शाम को संगीत निर्देशक अशोक मुखर्जी और साथी रविन्द्र संगीत प्रस्तुत करेंगे। लोक कला मर्मज्ञ विजय वर्मा और डॉ. राजेश व्यास रविन्द्र संगीत पर प्रकाश डालेंगे। इसी दिन सायं रंगायन सभागार में गुरूदेव के काव्य नाटक "कच देवयानी/गांधारीर आवेदन" का मंचन किया जायेगा।
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