जयपुर। पिछले कुछ सालों में शहर के स्टूडेंट्स ने विभिन्न ओलम्पियाड में सफलता हासिल कर शहर के साथ देश का नाम भी रोशन किया है। अब स्टूडेंट्स केवीपीवाय में भी अपना उज्ज्वल भविष्य देख रहे हैं। यही वजह है कि अब वे केवीपीवाय की डगर पर चल पड़े हैं। इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन, बैंगलुरू की ओर से 31 अक्टूबर को किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना केवीपीवाय का आयोजन किया जाएगा। जिस देखते हुए स्टूडेंट्स ने अपनी कमर कस ली है। एक तरफ वे हर सब्जेक्ट की डीप स्टडी करने में जुटे हुए हैं, वहीं ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस पर ध्यान दे रहे हैं। एक्सपट्र्स की मानें तो पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार केवीपीवाय में तकरीबन 20 से 25 प्रतिशत स्टूडेंट्स की संख्या में इजाफा हुआ है। हर क्वेश्चन का सही आंसर दें 11वीं क्लास के स्टूडेंट दिव्यांशु मूंड कहते हैं कि पहले मुझे सिर्फ ओलम्पियाड की ज्यादा जानकारी थी। लेकिन जब केवीपीवाय के बारे में पता चला, तो मैंने इस कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी करना शुरू कर दिया। एग्जाम में ज्यादातर क्वेश्चंस साइंटिफिक एप्टीट्यूट और साइंटिफिक थिकिंग पर बेस्ड होते हैं। इसलिए हर चैप्टर को प्रैक्टिकली सॉल्व करने की कोशिश कर रहा हूं। 11वीं क्लास के ही स्टूडेंट श्रेय गोयल का कहना है कि एग्जाम में करीब डेढ़ महीने से ज्यादा का समय बाकी है, इसलिए हर सब्जेक्ट के टॉपिक की डीप स्टडी कर रहा हूं। ताकि एग्जाम में हर क्वेश्चन का ठीक तरह से उत्तर दे पाऊं। 12वीं क्लास के स्टूडेंट अभिषेक बंसल ने कहा कि एग्जाम में क्वेश्चंस को लेकर काफी वैरायटी और वेरिएशन होता है। इस समय मैं 12वीं का सिलेबस अच्छी तरह पढ़ रहा हूं। एग्जाम के कुछ दिन पहले 11वीं क्लास के सिलेबस का रिवीजन करूंगा। वहीं 12वीं क्लास के ही स्टूडेंट सम्यक डागा ने बताया कि केवीपीवाय भी काफी टफ कॉम्पिटिशन है। इसकी तैयारी के लिए भी काफी मेहनत करनी पड़ती है। मेरी कोशिश रहेगी कि एग्जाम के कुछ दिन पहले तक पूरा कोर्स का रिवीजन कर लूं। ज्यादा ध्यान अपने कॉन्सेप्ट क्लीयर करने में लगा रहा हूं। एनसीईआरटी की बुक्स को बेस बनाएं केवीपीवाय का एग्जाम होने में करीब डेढ़ महीना बाकी है। इसलिए स्टूडेंट्स बेहतरीन तैयारी कर सकते हैं। एक्सपट्र्स की मानें, तो इस समय स्टूडेंट्स को अपने कॉन्सेप्ट क्लीयर करने की आवश्यकता है। पेपर में मैथ्स से लाइट लेवल के क्वेश्चंस पूछे जाते हैं, इसलिए प्रैक्टिस करने के साथ-साथ अधिक नॉलेज गेन करें। बायोलॉजी थ्यौरी का पार्ट है, इसलिए थ्यौरी पर विशेष ध्यान दें। फिजिक्स और कैमिस्ट्री के टॉपिक्स को इंटरनेट की सहायता से पढ़ने की कोशिश करे। पिछले सालों के पेपर्स से भी तैयारी की जा सकती है। एनसीईआरटी की बुक्स को बेस बनाए। कैश प्राइज और ग्रांट हर साल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन, बैंगलुरू की तरफ से होने वाला किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना केवीपीवाय दो राउंड में आयोजित किया जाता है। पहले राउंड में रिटन टेस्ट लिया जाता है। इस टेस्ट में फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथेमेटिक्स से संबंधित क्वेश्चंस पूछे जाते हैं। पेपर में आने वाले ज्यादातर क्वेश्चंस सांइटिफिक एप्टीट्यूड पर आधारित होते हैं। क्वेश्चंस का टाइप ऑब्जेक्टिव रखा जाता है। पहले राउंड में देशभर से लगभग 750 बच्चे सैकंड राउंड के लिए क्वालिफाई करते हैं। सैकंड राउंड इंटरव्यू का होता है। जिसमें साइंटिफिक थिंकिंग और एक्ट्रामेंटल ओरिएंटेशन से जुड़े क्वेश्चंस पर अधिक जोर दिया जाता है। इंटरव्यू में पास हुए स्टूडेंट्स को फैलोशिप अवार्ड के रूप में हर महीने चार हजार रूपए का कैश प्राइज और 16 हजार रूपए की बुक्स की ग्रांट भी दी जाती है। एग्जाम में 11वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स हिस्सा लेते हैं।
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