जयपुर। नेटवर्क सिक्योरिटी और सिस्टम कंट्रोल क्या होता है? वेब हैकिंग से किस तरह से बचा जा सकता है?.. स्टूडेंट्स के कुछ ऎसे सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया, टीसीएस के हाई टेक इंडस्ट्री सॉल्यूशन यूनिट के इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी मैनेजर कुलदीप कुमार ने। शुक्रवार को पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित दो दिवसीय वर्कशॉप में वे स्टूडेंट्स को इंफॉर्मेüशन सिक्योरिटी के टिप्स दे रहे थे। देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर से "एप्लीकेशन ऑफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एंड रिस्क मैनेजमेंट" विषय पर वर्कशॉप आयोजित हुई। वर्कशॉप के पहले दिन कम्यूटर और आईटी इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने पार्टिसिपेट किया। डाटा हैकिंग से बचने के तरीके बताए इस मौके पर कुलदीप कुमार ने प्रजेंटेशन के जरिए टेक्नोलॉजी के नुकसान बताए। उन्होंने बताया कि इसके जरिए लोगों को मिसगाइड कर महत्वपूर्ण जानकारियां चुराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज डेटा कहीं भी सौ प्रतिशत सुरक्षित नहीं है, फिर भी विभिन्न ऑर्गेनाइजेशंस अपने स्तर पर इसे सिक्योर करने के प्रयास कर रही हैं। उन्होंने सिक्योरिटी के इंप्लीमेंटेशन के तीन तरीके बताए- डोमेन, सब डोमेन और कंट्रोल। उन्होंने बताया कि सिक्योरिटी पॉलिसीज बनाते समय ऑर्गेनाइजेशंस के ऑब्जेक्ट और फंक्शनिंग को ध्यान में रखा जाना चाहिए। फैकल्टी भी होंगी अपडेट वर्कशॉप के दूसरे दिन कुलदीप कुमार के साथ टीसीएस के नॉर्थ इंडिया के एकेडमिक रिलेशनशिप मैनेजर रजित सिक्का भी मौजूद होंगे। स्टूडेंट्स से इंटरेक्शन के बाद कई इंजीनियरिंग कॉलेजों की फैकल्टी मैंबर्स को नेटवर्क सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट सिखाया जाएगा।
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